
दिल्ली: इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब को दिल्ली पुलिस ने AI इम्पैक्ट समिट में हुए शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार किया है। पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस ने 7 दिन की कस्टडी की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने 4 दिनों की पुलिस रिमांड मंजूर कर दी। गिरफ्तारी के बाद पार्टी कार्यकर्ता कोर्ट के बाहर इकट्ठा हुए और उदयभानु के समर्थन में प्रदर्शन किया। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब उनसे गहन पूछताछ करेगी ताकि प्रदर्शन की पूरी योजना और इसमें शामिल अन्य लोग सामने आएं।
पुलिस करेगी अलग-अलग राज्यों में आरोपियों की तलाश
पटियाला हाउस कोर्ट में सुबह 10 बजे पेश किए गए उदयभानु चिब के मामले में पुलिस ने 7 दिन की रिमांड इसलिए मांगी थी क्योंकि अन्य आरोपी जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश जैसे विभिन्न राज्यों में हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को कंफ्रंट करना और बड़ी साजिश की जांच करने के लिए समय की आवश्यकता है। अदालत ने दलीलों को सुनने के बाद चार दिन की रिमांड मंजूर की। उदयभानु के वकील ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल ने जांच में पूरा सहयोग किया है और घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे, इसलिए गिरफ्तारी की आवश्यकता नहीं थी।
चार अन्य आरोपियों को पांच दिन की रिमांड पर रखा गया
इस मामले में अब तक कुल आठ लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें उदयभानु चिब भी शामिल हैं। घटना के दिन चार अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था और उन्हें पांच दिन की पुलिस कस्टडी दी गई थी। कांग्रेस ने इन गिरफ्तारियों को 'असंवैधानिक' और 'तानाशाही' करार दिया है। IYC महासचिव शेष नारायण ओझा ने इसे 'अंग्रेजों जैसा शासन' बताया। पार्टी का दावा है कि कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन सरकार ने विरोध को दबाने की कोशिश की।
भारत मंडपम में शर्टलेस प्रदर्शन और पुलिस की सजा
यह विवाद 20 फरवरी 2026 को भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान हुआ। इस दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बिना शर्ट पहने विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए। पुलिस ने इसे सार्वजनिक शांति भंग, आपराधिक साजिश और अन्य गंभीर धाराओं के तहत दर्ज किया। पुलिस का आरोप है कि उदयभानु इस प्रदर्शन के 'मास्टरमाइंड' थे और उन्होंने लॉजिस्टिक सपोर्ट भी प्रदान किया।













