
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद देश की सियासत में हलचल मच गई है। अब इस पद के लिए संभावित चेहरों की चर्चा शुरू हो गई है। इसी कड़ी में बिहार से एक अहम राजनीतिक प्रस्ताव सामने आया है। बिहार के बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने सुझाव दिया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को देश का अगला उपराष्ट्रपति बनाया जाए।
हरिभूषण ठाकुर बचौल की इस मांग ने बिहार की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। विधानसभा सत्र से पहले उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, "अगर नीतीश कुमार उपराष्ट्रपति बनते हैं तो यह बिहार के लिए गर्व की बात होगी। इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।"
यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इस मांग के कई राजनीतिक अर्थ निकाले जा रहे हैं। क्या बीजेपी इस मांग के जरिए आगामी चुनावों की रणनीति बना रही है? या यह गठबंधन की राजनीति का संकेत है?
नीतीश कुमार की भूमिका को लेकर पहले भी कई बार अटकलें लग चुकी हैं। कुछ महीने पहले ही केंद्रीय मंत्री रहे अश्विनी कुमार चौबे ने नीतीश कुमार को उपप्रधानमंत्री बनाने की बात कही थी। उस समय भी यह चर्चा जोरों पर थी, लेकिन नीतीश कुमार ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।
अब उपराष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद एक बार फिर से नीतीश कुमार का नाम उभरकर सामने आया है। हालांकि, नीतीश कुमार की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार की रात करीब 9 बजे स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था। उन्होंने अपने इस्तीफे में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में नए उपराष्ट्रपति को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। चूंकि बिहार में जल्द ही चुनाव होने हैं, इसलिए कई लोग मानते हैं कि इस पद पर नीतीश कुमार की नियुक्ति से सियासी समीकरण पर गहरा असर पड़ेगा।
नीतीश कुमार को एक अनुभवी और संतुलित राजनेता के रूप में जाना जाता है, जो केंद्र और राज्य दोनों स्तरों की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। ऐसे में क्या वे अब राष्ट्रीय राजनीति में एक नई भूमिका निभाएंगे? यह देखना दिलचस्प होगा।














