
भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद हत्याकांड में पुलिस ने तेज़ी दिखाते हुए महज 12 घंटे के भीतर बड़ा कदम उठाया है। इस सनसनीखेज मामले के मुख्य आरोपी रामधनी यादव को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की हत्या और नगर सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू पर हुए हमले के मास्टरमाइंड का अंत इसी कार्रवाई में हो गया।
नगर परिषद कार्यालय में हुई थी सनसनीखेज वारदात
मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय के भीतर हुई इस खूनखराबे की घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को हिला दिया था। दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद इलाके में डर और तनाव का माहौल बन गया। घटना के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और रातभर चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान मुख्य आरोपी रामधनी यादव को दबोच लिया गया।
हथियार बरामदगी के दौरान हुआ हमला
बुधवार तड़के पुलिस की विशेष टीम आरोपी को लेकर उस स्थान पर पहुंची, जहां वारदात में इस्तेमाल हथियार छिपाए जाने की सूचना थी। सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच जैसे ही टीम वहां पहुंची, पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों ने अचानक पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिससे हालात तनावपूर्ण हो गए।
भागने की कोशिश में ढेर हुआ आरोपी
इस अफरातफरी के बीच हिरासत में मौजूद रामधनी यादव ने भी मौके का फायदा उठाकर भागने और पुलिसकर्मियों से हथियार छीनने की कोशिश की। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। करीब 15 से 20 मिनट तक चली इस मुठभेड़ में रामधनी यादव को कई गोलियां लगीं और वह मौके पर ही ढेर हो गया।
मुठभेड़ में पुलिसकर्मी भी घायल
इस मुठभेड़ के दौरान आरोपी के अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहे। वहीं तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए, जिन्हें तुरंत भागलपुर के मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद रामधनी यादव को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल जवानों का इलाज जारी है।
हत्या ने मचा दिया था हड़कंप
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही नगर परिषद कार्यालय में बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की हत्या कर दी थी। इस घटना ने पूरे बिहार प्रशासन को झकझोर कर रख दिया था। अब मुख्य आरोपी के इतनी जल्दी एनकाउंटर में मारे जाने से पुलिस ने यह साफ कर दिया है कि अपराधियों के लिए कानून से बच पाना आसान नहीं है।













