समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने एक बार फिर अपना समर्थन दोहराया है। गया में शनिवार को उन्होंने कहा कि वह शुरू से ही UCC के समर्थक रहे हैं। मांझी ने कहा कि लोगों की धार्मिक मान्यताएं और पूजा-पद्धतियां अलग हो सकती हैं, लेकिन कानून के नजरिए से सभी नागरिक समान होने चाहिए। उन्होंने ‘एक देश, एक कानून’ की पैरवी करते हुए UCC लागू किए जाने का समर्थन किया।
‘कानून के दृष्टिकोण से सब एक हैं’
जीतन राम मांझी ने संविधान के अनुच्छेद 44 और राज्य के नीति निर्देशक तत्वों का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान समानता की बात करता है। उनके अनुसार, लोग घर में किस तरह पूजा करते हैं या किस तरह के कपड़े पहनते हैं, इससे कोई समस्या नहीं है, लेकिन ऐसे अलग-अलग आचरण जिनका सामाजिक प्रभाव पड़ता है, उनके लिए कानून के स्तर पर समान व्यवस्था होनी चाहिए।
मांझी ने कहा कि धार्मिक गतिविधियों में अंतर होने के बावजूद कानून की नजर में सभी समान हैं। इसी आधार पर उन्होंने UCC लागू किए जाने में किसी तरह की समस्या नहीं होने की बात कही।
‘एक देश, एक कानून’ पर जोर
मांझी ने कहा कि भारत सरकार के स्तर पर यदि अलग-अलग व्यवस्थाओं के कारण अलगाव दिखाई देता है तो यह संविधान की भावना के अनुरूप नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश में एक कानून होना चाहिए और नागरिकों को संविधान का पालन करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से UCC लागू करने की घोषणा की गई है और इसे लागू किया जाना चाहिए। मांझी ने दावा किया कि कई राज्यों में ऐसी व्यवस्था लागू की जा चुकी है और वहां इसे लेकर कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ।
कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर भी रखा था पक्ष
मांझी ने UCC को लेकर इससे पहले 16 सितंबर को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी अपना रुख स्पष्ट किया था। उन्होंने UCC को संविधान में दिए समानता के अधिकार से जोड़ा था और इसके क्रियान्वयन में किसी तरह के ‘दांव-पेच’ की बात को अपनी समझ में असंवैधानिक बताया था। उन्होंने तीन तलाक और अनुच्छेद 370 से जुड़े केंद्र सरकार के फैसलों का भी समर्थन किया था।
उनका यह बयान ऐसे समय आया था जब बिहार में NDA के घटक दलों के बीच UCC को लेकर अलग-अलग रुख सामने आए हैं। जहां मांझी ने इसका समर्थन किया है, वहीं JDU नेताओं ने प्रस्तावित विधेयक के प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद फैसला लेने की बात कही है।
बिहार NDA में UCC को लेकर अलग-अलग रुख
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले NDA शासित राज्यों में UCC लागू करने की बात कही है। इसके बाद बिहार में इस मुद्दे पर NDA के भीतर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। JDU की ओर से उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा था कि पार्टी पहले प्रस्तावित विधेयक के प्रावधानों का अध्ययन करेगी और उसके बाद निर्णय लिया जाएगा।
इस बीच मांझी का ताजा बयान UCC पर उनके पहले से स्पष्ट रुख को दोहराता है। गया में उन्होंने इसे समानता और संवैधानिक व्यवस्था से जोड़ते हुए कहा कि कानून की नजर में सभी नागरिक एक समान होने चाहिए













