पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में दाखिल 5,053 पन्नों की चार्जशीट ने मामले की कथित साजिश से जुड़े कई नए विवरण सामने रखे हैं। पुणे ग्रामीण पुलिस ने 19 सितंबर को वडगांव मावल अदालत में यह चार्जशीट दाखिल की। इसमें केतन की मंगेतर सिया गोयल, उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी और रितेश हांगे को आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, शुरुआत में केतन को गंभीर रूप से घायल या अपाहिज करने की योजना पर विचार हुआ था, लेकिन बाद में आरोपियों ने कथित तौर पर उसकी हत्या करने का फैसला किया।
पहले केतन को गंभीर चोट पहुंचाने की थी कथित योजना
चार्जशीट के बारे में पुलिस अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, सिया, चेतन और रितेश ने शुरुआत में केतन को गंभीर चोट पहुंचाने की योजना पर चर्चा की थी। कथित तौर पर इसके लिए महाराष्ट्र के बाहर के कुछ लोगों से संपर्क कर उन्हें हमले के लिए तैयार करने की संभावना भी तलाश की गई।
पुलिस का कहना है कि बाद में आरोपियों को डर था कि किसी बाहरी व्यक्ति को शामिल करने से साजिश का खुलासा हो सकता है या वह बाद में पुलिस तक पहुंच सकता है। इसके बाद कथित तौर पर तीनों ने खुद ही हत्या को अंजाम देने का फैसला किया।
हत्या की योजना बनाने के दौरान फिल्म और पॉडकास्ट का जिक्र
चार्जशीट के अनुसार, पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने हत्या की योजना बनाते समय अपराध पर आधारित फिल्मों और ऐसे मामलों से जुड़ी सामग्री का अध्ययन किया। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने पुलिस से बचने के तरीकों से संबंधित पॉडकास्ट भी सुने।
यह विवरण चार्जशीट में दर्ज जांच और पुलिस के दावों का हिस्सा है। इसे अदालत में साबित हो चुका तथ्य नहीं माना जा सकता, क्योंकि मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया में है।
लोहागढ़ को ही क्यों चुना गया?
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लोनावला क्षेत्र में अलग-अलग जगहों की कथित तौर पर रेकी की थी। जांच में यह दावा भी सामने आया कि उन्होंने ऐसी जगह तलाशने की कोशिश की जहां घटना को दुर्घटना का रूप दिया जा सके।
लोहागढ़ किले को कथित तौर पर इसलिए चुना गया क्योंकि वहां किसी व्यक्ति के खाई में गिरने की घटना को हादसा बताया जा सकता था। चार्जशीट में पुलिस ने लोहागढ़ से जुड़ी पहले की एक घटना और अन्य चर्चित मामलों की ऑनलाइन सर्च का भी उल्लेख किया है।
'माही' नाम से बनाया फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट
चार्जशीट के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर ‘माही’ नाम से एक फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाया था। पुलिस का दावा है कि इस अकाउंट के जरिए केतन से संपर्क किया गया और उसे उसकी मंगेतर सिया के साथ लोहागढ़ जाने के लिए तैयार किया गया।
पुलिस के अनुसार, केतन को वहां जन्मदिन के सरप्राइज के बहाने ले जाने की योजना बनाई गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि 18 जून को केतन को लोहागढ़ ले जाना इस फर्जी अकाउंट के जरिए तैयार की गई योजना का हिस्सा था।
सोनम रघुवंशी केस की भी ऑनलाइन सर्च
चार्जशीट में आरोपियों की ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री का भी उल्लेख है। पुलिस के अनुसार, सिया ने लोहागढ़ में पहले हुई एक मौत से संबंधित जानकारी इंटरनेट पर खोजी थी। इसके अलावा सोनम रघुवंशी के पति राजा रघुवंशी की हत्या से जुड़े मामले को भी कथित तौर पर सर्च किया गया।
जांचकर्ताओं के अनुसार, इन सर्च का संबंध हत्या की योजना और घटना को दुर्घटना जैसा दिखाने की कोशिश से जोड़ा गया है।
पहले भी नाकाम कोशिश का पुलिस का दावा
चार्जशीट में जून की शुरुआती घटनाओं का भी उल्लेख है। पुलिस के अनुसार, 14 जून को सिया और केतन लोहागढ़ गए थे और वहां केतन को धक्का देने की कथित कोशिश सफल नहीं हुई। इसके बाद 18 जून को एक बार फिर उसे वहां ले जाने की योजना बनाई गई।
पुलिस का दावा है कि 18 जून को लोहागढ़ में केतन खाई में गिर गया और उसकी मौत हो गई। जांच में इसे दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या की साजिश का परिणाम बताया गया है।
चार्जशीट में डिजिटल और फॉरेंसिक सबूत भी
पुणे ग्रामीण पुलिस की 5,053 पन्नों की चार्जशीट में व्हाट्सऐप चैट, तस्वीरें, मोबाइल फोन डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और तकनीकी विश्लेषण से जुड़े प्रमाण शामिल किए गए हैं। पुलिस ने बड़ी संख्या में गवाहों के बयान भी चार्जशीट का हिस्सा बनाए हैं।
इस मामले में सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे आरोपी हैं और तीनों न्यायिक हिरासत में हैं। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया होगी। आरोप अभी अदालत में विचाराधीन हैं और आरोपियों को दोषी ठहराने का अंतिम निर्णय अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा।













