दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत उनके परिवार के पांच सदस्यों को चुनाव कार्यालय की ओर से नोटिस जारी किया गया है। ये नोटिस मतदाता विवरण का पिछली SIR सूची से मिलान नहीं होने की श्रेणी में जारी किए गए हैं। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि संबंधित नाम मतदाता सूची में मौजूद हैं और नोटिस का कारण पुराने रिकॉर्ड से मैपिंग नहीं होना है।
केजरीवाल परिवार के किन सदस्यों को मिला नोटिस
नोटिस पाने वालों में अरविंद केजरीवाल के अलावा उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटे पुलकित केजरीवाल और उनके माता-पिता गोविंद राम केजरीवाल एवं गीता देवी शामिल हैं। अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली-40 विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं।
निर्वाचन कार्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार, नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के पार्ट-51, केजी मार्ग में कुल 110 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इन मतदाताओं के विवरण को पिछली SIR सूची से जोड़ने में समस्या सामने आने के बाद प्रक्रिया के तहत नोटिस भेजे गए।
‘Unmapped with Last SIR’ का क्या मतलब है
नोटिस में इस्तेमाल की गई ‘Unmapped with Last SIR’ श्रेणी का अर्थ है कि संबंधित मतदाता के मौजूदा विवरण का पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो पाया है। ऐसे मामलों में मतदाता से आवश्यक जानकारी या दस्तावेजों के माध्यम से अपने विवरण का सत्यापन कराने को कहा जाता है।
चुनाव आयोग के अधिकारी के अनुसार, नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्तियों के नाम पहले ही मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। अधिकारी ने कहा कि केजरीवाल और उनके परिवार के नाम सूची में मौजूद हैं, लेकिन उन्हें पिछली SIR सूची से मैप नहीं किया जा सका है।
The office of Delhi’s Chief Electoral Officer has issued notices under the SIR process to AAP convenor and former Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal and his family.
— ANI (@ANI) September 19, 2026
Notices have been issued to Arvind Kejriwal, his wife Sunita Kejriwal, his son Pulkit Kejriwal, and his parents,… pic.twitter.com/yLqjhgqosa
AAP ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
नोटिस जारी होने के बाद आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया कि SIR के नाम पर विपक्षी नेताओं और उनके परिवारों के मतदाता अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
AAP ने सवाल उठाया कि तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रह चुके अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों के नाम मतदाता सूची से गायब होने की स्थिति कैसे बनी। पार्टी ने इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक पक्षपात के आरोप भी लगाए हैं। ये आरोप आम आदमी पार्टी की ओर से लगाए गए हैं, जबकि चुनाव आयोग की ओर से नोटिस को रिकॉर्ड मिलान और सत्यापन की प्रक्रिया से जुड़ा बताया गया है।
दिल्ली में लाखों मतदाताओं को नोटिस
दिल्ली में चल रही SIR प्रक्रिया के तहत लगभग 33 लाख मतदाताओं को उनके रिकॉर्ड में विसंगतियों या पिछली SIR सूची से विवरण का मिलान नहीं होने के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस पाने वालों में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, अरविंद केजरीवाल और कई अन्य राजनीतिक हस्तियों के नाम भी शामिल हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, रेखा गुप्ता को उनके रिकॉर्ड में माता-पिता की उम्र से संबंधित विसंगति के कारण नोटिस मिला था। दस्तावेज जमा कराने के बाद उनके विवरण का सत्यापन किया गया। वहीं, केजरीवाल परिवार के मामले में पिछली SIR सूची से मैपिंग नहीं होने का मुद्दा सामने आया है।
आगे क्या होगा
नोटिस जारी होने के बाद संबंधित मतदाताओं को अपने विवरण का सत्यापन कराने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। दिल्ली की SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को अपडेट किया जा रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को जारी की जानी है। केजरीवाल परिवार के नोटिस पर AAP की आपत्तियों और आगे होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर रहेगी।













