बिहार में नई सरकार के शपथ ग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और इसके साथ ही राज्य में एक नए राजनीतिक दौर की शुरुआत मानी जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ उपमुख्यमंत्री के रूप में विजय चौधरी और विजेंद्र यादव ने भी जिम्मेदारी संभाल ली है। नई सरकार के गठन के तुरंत बाद जिस मुद्दे पर सबसे ज्यादा चर्चा तेज हो गई है, वह है राज्य में लागू शराबबंदी कानून का भविष्य। अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या सम्राट चौधरी के नेतृत्व में इस कानून में कोई बदलाव देखने को मिलेगा।
शराबबंदी हटाने के संकेत, अनंत सिंह ने सीएम से बातचीत की बात कही
मोकामा से विधायक और अपने बयानों के लिए चर्चित अनंत सिंह ने शराबबंदी कानून को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर सीधे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से चर्चा करेंगे और इस नीति पर पुनर्विचार की मांग रखेंगे। उनका कहना है कि राज्य में लागू मौजूदा शराबबंदी व्यवस्था पर गंभीरता से दोबारा सोचने की जरूरत है।
हालांकि, जदयू के शीर्ष नेतृत्व ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि शराबबंदी कानून से किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। इसके बावजूद अनंत सिंह ने अपने रुख को दोहराते हुए कहा कि राज्य में शराब की अनुमति मिलनी चाहिए, क्योंकि उनके अनुसार वर्तमान में जो अवैध या “सूखा नशा” फैल रहा है, वह समाज के लिए और अधिक खतरनाक साबित हो रहा है।














