
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच विपक्षी दलों के महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर अब तस्वीर साफ होने जा रही है। महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीट शेयरिंग फॉर्मूला का ऐलान सोमवार, 13 अक्टूबर को किया जाएगा। यह जानकारी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता और विधायक भाई वीरेंद्र ने रविवार को दी।
भाई वीरेंद्र ने कहा कि महागठबंधन में किसी भी प्रकार का मतभेद नहीं है और सभी मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। उन्होंने दावा किया, “सब कुछ तय हो गया है, सब ठीक है। कल प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीट बंटवारे की पूरी जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी।” राजद, कांग्रेस, वाम दलों और अन्य सहयोगी पार्टियों के बीच सीटों का वितरण अंतिम रूप में तय कर लिया गया है।
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान राजद नेता ने उन अटकलों को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि घटक दलों के बीच सीटों को लेकर तनातनी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन पूरी एकजुटता के साथ चुनावी तैयारी में जुटा है और किसी भी मुद्दे पर कोई “पेच” बाकी नहीं है।
लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के हालिया दिल्ली दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह कोर्ट से जुड़ा मामला है, इसलिए दोनों वहां गए हैं। भाई वीरेंद्र ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि “लैंड फॉर जॉब केस” के बहाने सरकार जानबूझकर लालू परिवार को परेशान करने की कोशिश कर रही है।
इस बीच, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर अब तक कई दौर की बातचीत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि राजद, कांग्रेस, वीआईपी और वामपंथी दलों के बीच सीटों की संख्या पर अब भी कुछ बिंदुओं पर सहमति बननी बाकी है। राजद, मुकेश सहनी की पार्टी को करीब 15 सीटें देने पर तैयार है, लेकिन सहनी डिप्टी सीएम पद की घोषणा पर अड़े हुए हैं। वहीं, पशुपति पारस की रालोजपा के महागठबंधन से अलग होकर चुनाव मैदान में उतरने के संकेत मिल रहे हैं।
दूसरी ओर, सीट शेयरिंग के औपचारिक ऐलान से पहले ही कई दलों ने अपने संभावित उम्मीदवारों को संकेत दे दिए हैं। खबरों के मुताबिक, राजद ने अपने करीब 50 प्रत्याशियों को पार्टी सिंबल देकर चुनावी तैयारी शुरू करने का निर्देश दे दिया है। वाम दलों में भी हलचल तेज है — सीपीएम ने अपने दो मौजूदा विधायकों को टिकट की अनुमति दे दी है, जबकि सीपीआई (माले) के कुछ नेताओं ने भी नामांकन की तैयारी शुरू कर दी है।
कल होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि बिहार में विपक्षी दल किस रणनीति के साथ 2025 के चुनावी मैदान में उतरेंगे और महागठबंधन की सियासी तस्वीर कैसी बनेगी।














