
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा। एनडीए ने शानदार बहुमत हासिल करते हुए डबल सेंचुरी लगाई, जबकि कांग्रेस समेत विपक्षी दल निराशाजनक प्रदर्शन कर गए। हार के बाद कांग्रेस नेताओं ने नतीजों पर सवाल उठाए और कुछ ने इसे अविश्वसनीय करार दिया। वहीं, कर्नाटक के डिप्टी सीएम और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने इसे लेकर थोड़ी अलग प्रतिक्रिया दी और कहा, “चिंता क्यों करनी, छोड़ो, जो हुआ सो हुआ।”
डीके शिवकुमार का बयान
एएनआई से बातचीत में डीके शिवकुमार ने कहा, “नतीजे आ गए हैं। चिंता क्यों? छोड़ो। जो हुआ सो हुआ। हमारे नेता पहले ही इस पर अपनी राय दे चुके हैं।” जब उनसे कर्नाटक में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है।” उनके इस बयान से पार्टी के अंदर मतभेद या चिंता की बजाय संतुलित रवैया देखने को मिला।
कांग्रेस नेतृत्व की समीक्षा बैठक
बीजेपी के मुकाबले कांग्रेस और महागठबंधन की करारी हार के बाद पार्टी शीर्ष नेतृत्व ने शनिवार को लंबी बैठक की। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल, पार्टी कोषाध्यक्ष अजय माकन और बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू शामिल थे। बैठक में चुनाव आयोग की भूमिका और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए।
बिहार में कांग्रेस का प्रदर्शन
कांग्रेस ने बिहार में कुल 61 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन केवल छह सीटें जीत पाई। यह प्रदर्शन वर्ष 2010 के बाद पार्टी का दूसरा सबसे खराब परिणाम है, जब कांग्रेस केवल चार सीटें जीत पाई थी। पार्टी नेताओं ने कहा कि बिहार के ये नतीजे उनके लिए अविश्वसनीय हैं और इसके पीछे पारदर्शिता की कमी हो सकती है।
पार्टी की अगली रणनीति
सी वेणुगोपाल ने मीडिया से कहा कि पार्टी जल्द ही चुनाव परिणामों का विश्लेषण करेगी और कुछ हफ्तों में ठोस सबूत भी पेश करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ कांग्रेस के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार और महागठबंधन सहयोगियों के लिए भी अविश्वसनीय है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने गठबंधन सहयोगियों और जनता से बात की, और वे भी इस परिणाम पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं।














