
बिहार में जहरीली शराब कांड को लेकर सियासत तेज हो गई है, खासकर मोतिहारी में हुई घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही। विपक्ष जहां राज्य सरकार पर लगातार हमले कर रहा है, वहीं सत्तारूढ़ दल अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कार्रवाई और संवेदनशीलता का भरोसा दिला रहा है। इसी बीच जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने स्पष्ट किया है कि बिहार में शराबबंदी कानून पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा और इसमें किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।
आईएएनएस से बातचीत में उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ स्थिति को संभाल रहा है। उन्होंने माना कि कभी-कभार ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं सामने आ जाती हैं, लेकिन इसे अनावश्यक रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना उचित नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए ऐसी घटनाओं को तूल देना ठीक नहीं है, जबकि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस बीच बिहार में संभावित नेतृत्व परिवर्तन को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री को लेकर फैसला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) जल्द ही करेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि जनता ने नीतीश कुमार के नेतृत्व पर भरोसा जताया है, इसलिए आगे भी उन्हीं के मार्गदर्शन में सरकार काम करेगी। उनके अनुसार, अंतिम निर्णय नीतीश कुमार की इच्छा के अनुसार ही लिया जाएगा।
वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव द्वारा बिहार को देश का “सबसे गरीब राज्य” बताए जाने पर भी जेडीयू ने कड़ी आपत्ति जताई है। कुशवाहा ने कहा कि इस तरह के बयान बिहार और उसके लोगों का अपमान करते हैं। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य ने अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा को फिर से हासिल किया है और आज बिहार के लोग हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं।
मोतिहारी शराब कांड पर तेजस्वी यादव द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए जेडीयू के प्रदेश सचिव साकेत सिंह ने भी विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस आधार नहीं है और वे सिर्फ सोशल मीडिया पर बयानबाजी कर रहे हैं। उनके मुताबिक, इस तरह के गंभीर मुद्दों पर केवल ट्वीट करने से कुछ नहीं होता, बल्कि जिम्मेदारी के साथ सामने आकर बात करनी चाहिए।
साकेत सिंह ने आगे कहा कि प्रशासन मोतिहारी में पूरी तत्परता के साथ काम कर रहा है और मेडिकल टीमें लगातार जांच में जुटी हुई हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कुल मिलाकर, इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। जहां एक ओर विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा है, वहीं सत्तापक्ष अपनी नीतियों और फैसलों का बचाव करते हुए कानून व्यवस्था को लेकर सख्त रुख दिखा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।













