
बिहार चुनाव अभियान के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महागठबंधन पर तीखा प्रहार किया और दावा किया कि 14 नवंबर को वोटों की गिनती के बाद विपक्ष का पूरा सफाया हो जाएगा। उन्होंने राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर बिहार की संस्कृति और आस्था के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता इस बार "जंगलराज" की वापसी नहीं होने देगी।
“मोदी राज में देश नक्सलवाद, आतंकवाद और भ्रष्टाचार से मुक्त हुआ”
पीथमपुर की जनसभा में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक नए युग की ओर बढ़ रहा है — “देश आज नक्सलवाद से लगभग मुक्त हो चुका है, आतंकवाद पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा चुकी है और भ्रष्टाचार की जड़ें उखाड़ दी गई हैं।”
उन्होंने कहा कि 2005 से पहले बिहार अराजकता और भय के माहौल में जी रहा था, जहां उद्योग और व्यापार ठप हो चुके थे। “उस वक्त अपहरण और फिरौती का धंधा ही सबसे बड़ा कारोबार था। लेकिन जब आपने नीतीश कुमार को मौका दिया, तो उन्होंने जंगलराज को खत्म कर विकास की दिशा में नया अध्याय लिखा,” शाह ने कहा।
“राहुल गांधी ने छठ मइया का किया अपमान”
अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “राहुल बाबा ने न केवल प्रधानमंत्री मोदी का बल्कि छठी मइया का भी अपमान किया है।”
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में बिहार की इस महान परंपरा का मजाक उड़ाया, जबकि छठ पर्व आस्था, अनुशासन और सूर्य उपासना का प्रतीक है। “जो लोग छठी मइया की महिमा नहीं समझते, वे बिहार की भावनाओं को कभी नहीं समझ पाएंगे,” शाह ने कहा।
“आपका एक-एक वोट बिहार के भविष्य का फैसला करेगा”
गृह मंत्री ने जनता से अपील करते हुए कहा कि 6 नवंबर को मतदान के दिन, मतदाता केवल किसी उम्मीदवार को नहीं, बल्कि बिहार के विकास की दिशा को तय करेंगे।
उन्होंने कहा, “आपका वोट किसी विधायक या मंत्री के लिए नहीं, बल्कि नीतीश जी और मोदी जी के नेतृत्व में एक विकसित बिहार के लिए है। हर वोट जंगलराज को रोकने और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जरूरी है।”
“14 नवंबर को होगा फैसला, महागठबंधन का अंत तय”
अमित शाह ने आगे कहा, “राहुल बाबा ने पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उनके कार्यकर्ताओं ने मोदी जी की मां का भी अपमान किया। जनता इसका जवाब वोट से देगी। जब 14 नवंबर को मतपेटियां खुलेंगी, तब साफ हो जाएगा कि महागठबंधन का नामोनिशान मिट चुका है।”
सभा में शाह ने यह भी घोषणा की कि लखीसराय मेडिकल कॉलेज का नाम बदलकर श्रीकृष्ण सिंह मेडिकल कॉलेज रखा जाएगा और विजय कुमार सिन्हा को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी।














