न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

असम विधानसभा में पेश हुआ UCC बिल, हिमंत सरमा सरकार का बड़ा फैसला; आदिवासी समुदाय को दी गई बड़ी राहत

असम विधानसभा में UCC बिल पेश होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। हिमंत सरमा सरकार के इस बड़े फैसले में आदिवासी समुदाय को कानून के दायरे से बाहर रखा गया है, जबकि विपक्ष ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Mon, 25 May 2026 11:43:17

असम विधानसभा में पेश हुआ UCC बिल, हिमंत सरमा सरकार का बड़ा फैसला; आदिवासी समुदाय को दी गई बड़ी राहत

असम विधानसभा में समान नागरिक संहिता यानी UCC विधेयक पेश कर दिया गया है। इस कदम के साथ ही मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की सरकार ने राज्य में बड़ा राजनीतिक और सामाजिक संदेश देने की कोशिश की है। हालांकि, विधानसभा में बिल पेश होते ही विपक्षी दलों ने इसका जोरदार विरोध शुरू कर दिया। विपक्ष का कहना है कि इतने अहम मुद्दे पर सरकार को पहले सभी समुदायों, सामाजिक संगठनों और हितधारकों से व्यापक चर्चा करनी चाहिए थी। इसके बावजूद सरकार ने विधेयक को सदन में पेश कर आगे बढ़ाने का फैसला लिया।

गौरतलब है कि राज्य मंत्रिमंडल पहले ही इस विधेयक को मंजूरी दे चुका था। अब इसे विधानसभा के पटल पर रखा गया है। उत्तराखंड और गुजरात के बाद असम ऐसा करने वाला तीसरा राज्य बन गया है। खास बात यह है कि इस प्रस्तावित कानून में आदिवासी समुदायों को दायरे से बाहर रखा गया है, जिससे राज्य के जनजातीय समूहों को बड़ी राहत मिलने की चर्चा है।

क्या-क्या प्रावधान शामिल हैं?

राज्य सरकार का दावा है कि असम की सामाजिक और जनसांख्यिकीय विविधता को ध्यान में रखते हुए यूसीसी का मसौदा तैयार किया गया है। इस विधेयक में कई अहम बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। सबसे प्रमुख उद्देश्य राज्य में बहुविवाह की प्रथा पर पूरी तरह रोक लगाना बताया जा रहा है।

इसके अलावा विवाह के लिए न्यूनतम कानूनी उम्र को सख्ती से लागू करने का प्रावधान भी रखा गया है। सरकार चाहती है कि राज्य में होने वाली सभी शादियों और तलाक का अनिवार्य रूप से सरकारी रिकॉर्ड में पंजीकरण हो। वहीं बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबरी का अधिकार सुनिश्चित करने की बात भी इस विधेयक में शामिल की गई है।

सरकार ने लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी नियम सख्त करने का प्रस्ताव रखा है। मसौदे के अनुसार ऐसे संबंधों के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जा सकता है ताकि कानूनी और सामाजिक जवाबदेही तय हो सके।

धार्मिक परंपराओं में दखल नहीं: हिमंत सरमा

मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने साफ किया है कि यूसीसी का उद्देश्य किसी धर्म विशेष की परंपराओं या पूजा-पद्धतियों में हस्तक्षेप करना नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों के मन में यह भ्रम है कि धार्मिक रीति-रिवाज भी इस कानून के दायरे में आ जाएंगे, जबकि ऐसा नहीं होने वाला।

सीएम सरमा ने कहा कि धार्मिक मान्यताओं और पूजा-पाठ से जुड़े मामलों को पूरी तरह अलग रखा गया है। उनका कहना है कि सरकार सिर्फ सामाजिक और कानूनी व्यवस्था को अधिक समान और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है। सरकार का कहना है कि असम की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय परंपराओं का सम्मान करते हुए यह फैसला लिया गया है।

विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना

यूसीसी को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। कांग्रेस और अन्य दलों का आरोप है कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के संवेदनशील विषय उठा रही है। विपक्ष का कहना है कि महंगाई, बेरोजगारी और विकास जैसे मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है।

कांग्रेस विधायक Zakir Hussain Sikdar ने कहा कि असम में यूसीसी लागू करने का कोई व्यावहारिक फायदा नहीं होने वाला। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इस विधेयक का पुरजोर विरोध करेगी और इसे जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला कदम बताया।

विपक्ष का यह भी आरोप है कि राज्य सरकार केंद्र और नागपुर नेतृत्व को खुश करने के लिए यह बिल लेकर आई है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष सिर्फ राजनीतिक माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है।

बीजेपी नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने जनता से जो वादे किए थे, उसी आधार पर उन्हें बड़ा जनादेश मिला है। पार्टी के अनुसार यूसीसी राज्य में समानता और पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम साबित होगा।

राज्य
View More

Shorts see more

क्या लव बाइट जानलेवा हो सकता है? जानें कब बनता है यह गंभीर खतरा और किन उपायों से पा सकते हैं राहत

क्या लव बाइट जानलेवा हो सकता है? जानें कब बनता है यह गंभीर खतरा और किन उपायों से पा सकते हैं राहत

  • लव बाइट प्यार की निशानी है, लेकिन कभी-कभी खतरे की वजह भी बन सकती है।
  • एक छोटा सा निशान स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या से जुड़ा हो सकता है।
  • जानिए कब हिक्की सामान्य है और कब सतर्क होने की जरूरत है।
read more

ताजा खबरें
View More

बेवफा हसीनाएं! सिया गोयल से सोनम रघुवंशी तक, जब प्रेम संबंधों ने लिया खौफनाक मोड़ और जीवनसाथी बने साजिश का शिकार
बेवफा हसीनाएं! सिया गोयल से सोनम रघुवंशी तक, जब प्रेम संबंधों ने लिया खौफनाक मोड़ और जीवनसाथी बने साजिश का शिकार
भगवान राम पर टिप्पणी से भड़के विष्णु दास, बोले- स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले को देंगे 5 लाख रुपये
भगवान राम पर टिप्पणी से भड़के विष्णु दास, बोले- स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले को देंगे 5 लाख रुपये
क्या तेहरान जाएंगे पीएम मोदी? खामेनेई की अंतिम विदाई में शामिल होने का मिला आमंत्रण
क्या तेहरान जाएंगे पीएम मोदी? खामेनेई की अंतिम विदाई में शामिल होने का मिला आमंत्रण
400 फीट गहरी खाई में केतन को धक्का देने वाली सिया ने कबूला जुर्म, हत्या की वजह भी बताई
400 फीट गहरी खाई में केतन को धक्का देने वाली सिया ने कबूला जुर्म, हत्या की वजह भी बताई
कौन है सिया गोयल? जिसने मंगेतर केतन को 400 फीट गहरी खाई में धक्का दिया, शादी के लिए बुक था 17 करोड़ का महल
कौन है सिया गोयल? जिसने मंगेतर केतन को 400 फीट गहरी खाई में धक्का दिया, शादी के लिए बुक था 17 करोड़ का महल
अश्वथ मारिमुथु की 'धर्मन' से रजनीकांत का दमदार फर्स्ट लुक जारी, डॉक्टर अवतार चर्चा में
अश्वथ मारिमुथु की 'धर्मन' से रजनीकांत का दमदार फर्स्ट लुक जारी, डॉक्टर अवतार चर्चा में
जिस हुडी से पहचान छिपाने की कोशिश की, वही बनी गिरफ्तारी की वजह; सिया के प्रेमी तक ऐसे पहुंची पुलिस
जिस हुडी से पहचान छिपाने की कोशिश की, वही बनी गिरफ्तारी की वजह; सिया के प्रेमी तक ऐसे पहुंची पुलिस
ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा खुलासा, 'मां की रोक-टोक से तंग आ गई थी', आरोपी बेटी श्वेता गिरफ्तार
ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा खुलासा, 'मां की रोक-टोक से तंग आ गई थी', आरोपी बेटी श्वेता गिरफ्तार
मुल्तानी मिट्टी लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान, छोटी सी गलती भी बढ़ा सकती है त्वचा का रूखापन
मुल्तानी मिट्टी लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान, छोटी सी गलती भी बढ़ा सकती है त्वचा का रूखापन
क्या परियों के देश में खो गई बबीता पांडे? 27 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, फिर चर्चा में आई उत्तराखंड की रहस्यमयी लोककथा
क्या परियों के देश में खो गई बबीता पांडे? 27 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, फिर चर्चा में आई उत्तराखंड की रहस्यमयी लोककथा
पद्म भूषण सम्मान के बाद छलका अलका याग्निक का दर्द, सेहत को लेकर साझा किया बड़ा अपडेट, बोलीं- अब भी आसान नहीं है सफर
पद्म भूषण सम्मान के बाद छलका अलका याग्निक का दर्द, सेहत को लेकर साझा किया बड़ा अपडेट, बोलीं- अब भी आसान नहीं है सफर
राम मंदिर में चढ़ावे का विवाद गहराया, 3500 करोड़ की नकदी और आभूषणों का रिकॉर्ड नहीं, 2020 की रिपोर्ट आई चर्चा में
राम मंदिर में चढ़ावे का विवाद गहराया, 3500 करोड़ की नकदी और आभूषणों का रिकॉर्ड नहीं, 2020 की रिपोर्ट आई चर्चा में
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
ग्लैमर से दूर प्रकृति की गोद में पहुंचीं भूमि पेडनेकर, फार्म पर मिला सुकून और अपनापन
ग्लैमर से दूर प्रकृति की गोद में पहुंचीं भूमि पेडनेकर, फार्म पर मिला सुकून और अपनापन