
बांग्लादेश की पुरुष क्रिकेट टीम हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए तीन मैचों की वनडे श्रृंखला में करारी शिकस्त झेल चुकी है। इस हार ने केवल टीम के रिकॉर्ड को आक्रांत नहीं किया, बल्कि कप्तान मेहदी हसन के लिए आत्मचिंतन का समय भी बना। श्रृंखला हार की प्रतिक्रिया में मेहदी हसन ने कहा कि टीम अपनी कमियों को अभी तक ठीक से नहीं पहचान पाई है और वह इस बात से नराज हैं कि बार-बार की गलतियों से टीम सीख नहीं रही।
मेहदी ने स्पष्ट किया कि टीम में क्षमता है, लेकिन परिस्थितियों और मानसिक दबावों ने उनमें खलल डाला है। उन्होंने कहा, “हम जितने बुरे नज़र आते हैं, उतने बुरे नहीं हैं। हमें सुधार करना होगा, अपनी गलतियों को पहचानना होगा और उन्हें दूर करना होगा।” उन्होंने यह भी माना कि इस टीम में गहराई (bench strength) की कमी है — यानी बाहर मौजूद खिलाड़ी सीमित हैं — जिससे किसी स्टार खिलाड़ी की अनुपस्थिति बहुत असर डाल सकती है।
पिछले दो मैचों में बांग्लादेश केवल 30 ओवर से अधिक बल्लेबाज़ नहीं कर पाई। दूसरे मैच में टीम 28.3 ओवर में 109 रन बनाकर ऑल-आउट हुई, जबकि तीसरे मैच में 27.1 ओवर में 93 रन पर आउट हो गई। मेहदी ने कहा कि अब टीम की पहली प्राथमिकता पूरे 50 ओवर तक टिके रहना होनी चाहिए। उन्होंने स्वीकार किया कि टीम के बल्लेबाज़ों ने ज़िम्मेदारी नहीं ली, और जब बल्लेबाज़ जिम्मेदारी नहीं लेते, तो परिणाम अक्सर दुष्कर होता है।
कप्तान ने यह भी कहा कि हार की ज़िम्मेदारी हर खिलाड़ी को लेनी होगी — न कि केवल कप्तान या कोच की। यदि टीम को नए सिरे से शुरुआत करनी है, तो प्रत्येक खिलाड़ी को मानसिक मजबूती के साथ कदम बढ़ाना होगा। उन्होंने यह उम्मीद जताई कि अफगानिस्तान श्रृंखला की निराशा को उन्होंने पार कर लिया है, और अब वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ घरेलू श्रृंखला से पहले वे मनोबल को पुनर्स्थापित करने की कोशिश करेंगे।
मेहदी ने यह बात भी कही कि कुछ खिलाड़ी चोटों या फिटनेस की वजह से टीम के साथ नहीं हो पाए हैं। विशेष रूप से लिटन दास, जो साइड स्ट्रेन की समस्या के कारण पिछली श्रृंखला में बाहर थे, फिलहाल मेडिकल क्लीयरेंस का इंतजार कर रहे हैं। श्रृंखला खत्म होने के बाद बांग्लादेशी टीम 18 अक्टूबर से वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ तीन मैचों की घरेलू वनडे श्रृंखला खेलने वाली है।














