आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को 47 रनों से हराकर क्वालीफायर-2 में धमाकेदार एंट्री कर ली। मल्लनपुर में खेले गए इस बड़े मुकाबले में राजस्थान की जीत जितनी खास रही, उससे कहीं ज्यादा चर्चा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी की हो रही है। महज 15 साल के इस बल्लेबाज ने 29 गेंदों में 97 रन कूटकर मैच को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। उनकी पारी में 5 चौके और 12 विशाल छक्के शामिल रहे, जिसने स्टेडियम में मौजूद हर दर्शक को रोमांचित कर दिया।
वैभव शुरुआत से ही बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे। उन्होंने सनराइजर्स के गेंदबाजों को किसी भी तरह से वापसी का मौका नहीं दिया और मैदान के चारों ओर शानदार शॉट लगाए। हालांकि, वह सिर्फ 3 रन से अपना शतक पूरा करने से चूक गए। अगर वैभव यह सेंचुरी पूरी कर लेते, तो यह आईपीएल इतिहास का सबसे तेज शतक बन जाता। मैच खत्म होने के बाद उन्होंने खुद बताया कि आखिर किस वजह से वह इतने अहम मोड़ पर अपना विकेट गंवा बैठे।
पहली पारी समाप्त होने के बाद ब्रॉडकास्टर से बातचीत में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी और मानसिकता को लेकर खुलकर बात की। मशहूर कमेंटेटर हर्षा भोगले ने उनसे पूछा कि क्या नॉकआउट मुकाबले का दबाव उनके दिमाग में था? इस पर वैभव ने बेहद शांत अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, “कहीं न कहीं यह बात दिमाग में जरूर थी कि यह बड़ा मुकाबला है, लेकिन हमारे सभी कोच लगातार यही कहते रहे कि नेट्स में जैसी बल्लेबाजी करते हो, वैसा ही खेल यहां भी दिखाओ। उन्होंने मुझे मैच का आनंद लेने और किसी भी तरह का दबाव महसूस नहीं करने की सलाह दी।”
‘बाउंड्री छोटी नहीं लग रही थी’
मैच के दौरान जिस तरह वैभव लगातार गेंद को स्टैंड्स में भेज रहे थे, उसे देखकर ऐसा लग रहा था जैसे मैदान की बाउंड्री बेहद छोटी हो गई हो। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें बाउंड्री छोटी नजर आ रही थी, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “नहीं सर, ऐसा बिल्कुल नहीं था।” वैभव ने साफ किया कि उनका पूरा ध्यान सिर्फ गेंद को सही तरीके से टाइम करने पर था।
युवा बल्लेबाज ने यह भी माना कि राजस्थान रॉयल्स 243 रन बनाने के बावजूद और बड़ा स्कोर खड़ा कर सकती थी। वैभव ने कहा, “मेरे आउट होने के बाद भी मुझे लग रहा था कि टीम 260 से ज्यादा रन बना सकती थी। हालांकि हमारे पास जो स्कोर था, वह भी काफी मजबूत था। हमें बस अपनी योजनाओं पर टिके रहकर गेंदबाजी करनी थी और स्कोर डिफेंड करने की कोशिश करनी थी।”
‘अगर उसी दिशा में खेलता तो छक्का हो जाता’
अपने आउट होने के तरीके पर बात करते हुए वैभव सूर्यवंशी ने माना कि उन्होंने आखिरी समय में शॉट बदलने की कोशिश की थी और यही गलती भारी पड़ गई। उन्होंने कहा, “मैं पहले से कुछ अलग सोचकर नहीं खेल रहा था, लेकिन शॉट खेलने से ठीक पहले मेरी नजर फील्डर पर गई। फील्डर को देखकर मैंने अपना शॉट बदल दिया और इसी वजह से गेंद सही तरीके से बल्ले पर नहीं आई।”
वैभव ने आगे कहा, “अगर मैं उसी दिशा में शॉट खेलता यानी थर्ड मैन की तरफ जाता, तो शायद गेंद आसानी से छक्के के लिए चली जाती। लेकिन मैंने उसे सीधा मारने की कोशिश की और टाइमिंग खराब हो गई। इसी वजह से मैं अपना विकेट गंवा बैठा।”
भले ही वैभव सूर्यवंशी अपना शतक पूरा नहीं कर सके, लेकिन उनकी यह विस्फोटक पारी आईपीएल इतिहास में दर्ज हो गई है। इस मुकाबले के दौरान उन्होंने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वैभव ने आईपीएल के एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। आईपीएल 2026 में अब तक उनके बल्ले से 65 छक्के निकल चुके हैं, जो किसी भी बल्लेबाज द्वारा एक सीजन में लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं।
कम उम्र में जिस तरह वैभव सूर्यवंशी बड़े मंच पर बेखौफ क्रिकेट खेल रहे हैं, उसने क्रिकेट विशेषज्ञों और फैंस दोनों को प्रभावित किया है। उनकी बल्लेबाजी ने राजस्थान रॉयल्स को नया आत्मविश्वास दिया है और अब टीम की नजरें क्वालीफायर-2 जीतकर फाइनल में पहुंचने पर टिकी होंगी।














