ओवल टेस्ट में भारत की ऐतिहासिक जीत ने सिर्फ खिलाड़ियों के चेहरे पर मुस्कान नहीं बिखेरी, बल्कि दर्शकों और दिग्गजों के दिलों को भी गहराई तक छू लिया। ऐसे ही एक खास पल के साक्षी बने भारतीय क्रिकेट के लीजेंड सुनील गावस्कर, जो मैदान पर मौजूद थे और जीत की खुशी में कुछ ऐसा कर गए जिसने देशवासियों को गर्व से भर दिया।
टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत और विक्ट्री लैप
भारत ने ओवल में शानदार प्रदर्शन कर टेस्ट मैच अपने नाम किया। जैसे ही जीत सुनिश्चित हुई, खिलाड़ियों ने पूरे मैदान का चक्कर लगाते हुए विक्ट्री लैप लिया। यह दृश्य ऐसा था जिसे देख दर्शक तालियों और नारों से झूम उठे। खिलाड़ियों के चेहरों पर चमक, स्टेडियम में तिरंगा और दर्शकों की खुशी ने माहौल को जश्न में बदल दिया। यही वो लम्हा था जब स्टेडियम में बैठा हर भारतीय खुद को उस जीत का हिस्सा महसूस कर रहा था।
विक्ट्री लैप के दौरान एक खास क्षण सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वीडियो के 35वें सेकंड पर बैकग्राउंड से आवाज आती है— "गोरों के मुंह देख..."। यह आवाज किसकी है, यह साफ़ नहीं हो पाया है, लेकिन इसका असर वीडियो पर जरूर देखने को मिला। यह लाइन लोगों के दिलों को छू गई, मानो भारत की क्रिकेटीय ताकत को इंग्लैंड की धरती पर ललकार मिल गई हो।
Sunil Gavaskar sang it for all of us 🎶🇮🇳
Nothing lights up the little master like a #TeamIndia victory 😄 #SonySportsNetwork #ENGvIND
गावस्कर ने मैदान में उतारा देशभक्ति का रंग
विक्ट्री लैप के बाद जो नजारा देखने को मिला, उसने हर भारतीय को भावविभोर कर दिया। सुनील गावस्कर मैदान में उतरे और अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए गाना गाने लगे— “मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती…”
गावस्कर का यह अंदाज़ पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने न सिर्फ गाया, बल्कि गाने के दौरान खुद को संगीत में इस तरह डुबो दिया कि वे झूमते-नाचते भी नजर आए। उनके इस भावुक और जिंदादिल अंदाज़ ने मैदान में मौजूद हर दर्शक के दिल को छू लिया। गौरतलब है कि उन्होंने वही ‘लकी जैकेट’ पहन रखी थी, जिसे उन्होंने 2021 में गाबा टेस्ट जीत के समय भी पहना था।
पुजारा का चौंकाने वाला नया अंदाज़
इस पूरे पल में एक और चौंकाने वाली चीज़ सामने आई— चेतेश्वर पुजारा का एक अलग ही रूप। आमतौर पर शांत और गंभीर रहने वाले पुजारा, सुनील गावस्कर के साथ झूमते दिखाई दिए। यह अंदाज़ क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक नायाब पल था। उनके चेहरे पर मुस्कान और कदमों में ताल था, जो बताता है कि यह जीत सिर्फ स्कोरबोर्ड की नहीं, बल्कि भावनाओं की भी थी।














