
भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को दुबई में हुए एशिया कप 2025 सुपर फोर मुकाबले में जहां भारत ने पाकिस्तान को छह विकेट से हरा दिया, वहीं पाकिस्तान के दो खिलाड़ियों — साहबज़ादा फ़रहान और हरिस राउफ़ — की हरकतों ने मैच के बाद राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया। खेल के बीच की गई इन दोनों की कथित “सांकेतिक प्रतिक्रियाओं” ने खेल को राजनीतिक बहस का विषय बना दिया है, और सोशल मीडिया से लेकर संसद गलियारों तक एक बार फिर इस सवाल को जन्म दे दिया है — क्या भारत को पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना ही चाहिए?
पहली इनिंग्स में जब साहबज़ादा फ़रहान ने अपना अर्धशतक पूरा किया, तो उन्होंने बल्ले को इस अंदाज़ में उठाया जैसे कोई बंदूक तानी जा रही हो। कुछ सेकंड के उस इशारे को लोगों ने ‘AK-47’ जैसा बताया और देशभर में इसकी आलोचना शुरू हो गई। क्रिकेट मैदान पर हथियार की नकल जैसे इशारे को लोगों ने न सिर्फ असंवेदनशील बताया बल्कि इसे भारत में हुए आतंकी हमलों की याद दिलाने वाली हरकत कहा। इस इशारे को कुछ लोगों ने मई में भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जवाब के तौर पर भी देखा, जिसे पाकिस्तान अपनी जनता के बीच अपनी जीत के प्रतीक के रूप में पेश करने की कोशिश करता रहा है।
दूसरी ओर, हरिस राउफ़ ने दूसरी पारी में दर्शकों की हूटिंग के जवाब में ‘0-6’ का इशारा किया, जिसे पाकिस्तानी मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने भारतीय फाइटर जेट्स को गिराने के दावे से जोड़ दिया — एक दावा जो भारत ने सिरे से खारिज किया है। इस तरह के इशारों ने मैच को शुद्ध खेल भावना से भटका कर राजनीतिक प्रदर्शनों का रंग दे दिया, जिससे क्रिकेट का मंच एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय संबंधों की छाया में आ गया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी बहुत तीव्र आईं। शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने फ़रहान के इशारे को सीधे 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले से जोड़ दिया, जिसमें 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक इशारा नहीं, बल्कि पाकिस्तान की मानसिकता की झलक है, जो आतंकवाद को गर्व का विषय समझती है। समाजवादी पार्टी के नेता शरद सरन ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी और पूछा कि इस अपमानजनक स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है — क्या यह सरकार की कूटनीतिक कमजोरी नहीं?
वहीं भाजपा नेता अमित मालवीया ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग मैच से पहले पाकिस्तान के साथ खेलने का विरोध कर रहे थे, वही अब मैदान पर पाकिस्तानी खिलाड़ियों की नौटंकी का मजा ले रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर तंज करते हुए कहा कि लगता है जैसे किसी शाहिद अफरीदी ने राहुल गांधी को पहले से बता दिया हो कि मैच में क्या होगा।
भारत ने मई में 'ऑपरेशन सिंदूर' के अंतर्गत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की थी, जो अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी। उस हमले में शामिल आतंकियों के तार पाकिस्तान से जुड़े पाए गए थे। भारत सरकार ने इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताते हुए कहा था कि यह सिर्फ आतंकवाद के खिलाफ है, न कि किसी देश के खिलाफ।
क्रिकेट, जो आमतौर पर दो देशों के बीच कूटनीतिक तनाव को नरम करने का माध्यम बनता है, अब एक बार फिर राष्ट्रीय अस्मिता और सुरक्षा की बहस में उलझता नजर आ रहा है। यह पूरा घटनाक्रम इस बात की याद दिलाता है कि जब मैदान पर हरकतें देश के घावों को कुरेदने लगें, तो खेल सिर्फ खेल नहीं रह जाता — वह एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक संदेश बन जाता है।














