
अफगानिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया मुकाबला सुपर ओवर तक गया और दर्शकों के लिए यह रोमांचक पल साबित हुआ। दूसरे सुपर ओवर में अफगानिस्तान को जीत के लिए 24 रन बनाने थे, लेकिन शुरुआत बेहद कठिन रही। पहले दो गेंदों पर कोई रन नहीं बना और एक विकेट भी गिर गया। तभी स्ट्राइक पर आए रहमानुल्लाह गुरबाज।
चार गेंदों में चौके-छक्के की दरकार थी और ऐसा लगने लगा कि अफगानिस्तान का सपना टूट जाएगा। लेकिन गुरबाज ने अपनी विस्फोटक पारी के अंदाज में ऐसा धमाका किया कि सबकी उम्मीदें फिर जाग गईं। उन्होंने केशव महाराज की तीन गेंदों पर लगातार तीन छक्के जड़ दिए। अब केवल आखिरी गेंद पर 6 रन चाहिए थे और दबाव में महाराज ने वाइड फेंक दी।
अंतिम गेंद पर अफगानिस्तान को जीत के लिए 5 रन चाहिए थे और ड्रा के लिए 4 रन। लगता था कि मैच तीसरे सुपर ओवर तक जा सकता है या अफगानिस्तान जीत भी सकता है। लेकिन महाराज के अनुभव ने पल का निर्णय तय कर दिया। उन्होंने गेंद को ऐसी लाइन में डाली कि गुरबाज पॉइंट पर शॉट लगाने की कोशिश में कैच आउट हो गए। इस तरह दक्षिण अफ्रीका ने रोमांचक मुकाबले में जीत दर्ज की।
अफगानिस्तान की रणनीति में भी एक गलती देखने को मिली। दूसरे सुपर ओवर में उन्होंने मोहम्मद नबी को बल्लेबाजी के लिए भेजा, जिन्होंने पहली गेंद डॉट खेली और दूसरी गेंद पर आउट हो गए। जबकि मैच में भी नबी केवल 5 रन बनाकर आउट हुए थे, वहीं गुरबाज ने शानदार 84 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी।
पहला सुपर ओवर भी टाई पर समाप्त हुआ था। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने 187 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए गुरबाज ने 42 गेंदों में 84 रन बनाकर अफगानिस्तान को अंतिम गेंद तक दबाव में रखा। जीत के लिए उन्हें अंतिम तीन गेंदों में 2 रन चाहिए थे, लेकिन केवल एक विकेट बचा था। फ्री हिट पर रन लेने के प्रयास में अफगानिस्तान के फजलहक फारुख रन आउट हो गए और मैच टाई हो गया।
पहले सुपर ओवर में अफगानिस्तान ने 17 रन बनाए थे। दक्षिण अफ्रीका ने भी सुपर ओवर में 17 रन ही बनाए, जिससे मैच दूसरे सुपर ओवर तक गया और अंततः दक्षिण अफ्रीका ने इसे अपने नाम कर लिया।













