
टीम इंडिया के लेफ्ट‑हैंड बल्लेबाज रिंकू सिंह को हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर के पद पर नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें तीन करोड़ रुपये की इनामी राशि भी दी गई। इस नियुक्ति की घोषणा राज्य सरकार ने एक कार्यक्रम में की थी, लेकिन IPL 2026 की तैयारियों के कारण रिंकू उस समारोह में मौजूद नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो साझा कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सरकार का धन्यवाद किया और कार्यक्रम में शामिल न हो पाने पर खेद जताया।
रिंकू ने वीडियो में कहा, "मुझे रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर पद पर नियुक्त करने और तीन करोड़ रुपये के सम्मान के लिए प्रदेश सरकार और माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद। मैं आईपीएल टीम के साथ होने के कारण कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सका। जल्द ही नियुक्ति पत्र लेने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने आऊंगा।"
🎉 Big win for Rinku Singh!UP govt announces ₹3 crore reward & Sports Officer job for the cricketer. Missed the event, but sent a heartfelt video thanking CM Yogi Adityanath pic.twitter.com/3OwKSRaz3P
— indiainlast24hr (@indiain24hr) March 25, 2026
रिंकू सिंह की सैलरी और सरकारी सुविधाएं
रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर के रूप में रिंकू यूपी सरकार में क्लास‑2 गजेटेड अधिकारी के रूप में शामिल होंगे। सातवें वेतन आयोग के अनुसार उनकी बेसिक सैलरी लगभग ₹56,100–65,000 प्रतिमाह होगी।
ग्रॉस सैलरी: महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और अन्य भत्तों को मिलाकर उनकी मासिक टेक‑होम सैलरी ₹70,000–80,000 तक होने की उम्मीद है। इसके अलावा सरकारी इन्क्रीमेंट भी नियमित रूप से लागू होंगे।
वार्षिक सुविधाएं: इस पद के साथ रिंकू को स्थिरता मिलेगी, साथ ही सरकारी बंगला (उपलब्धता अनुसार), समर्पित पेंशन योजना और लंबे समय तक नौकरी की सुरक्षा जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। यह उनकी प्रति T20I मैच ₹3 लाख की फीस के अतिरिक्त स्थायी लाभ हैं।
शैक्षिक बाधा का समाधान
रिंकू की इस नियुक्ति ने पिछले साल से चली आ रही शैक्षणिक योग्यता विवाद को भी समाप्त कर दिया। साल 2025 में उन्हें BSA (बेसिक शिक्षा अधिकारी) पद पर नियुक्त करने का प्रस्ताव उनकी शैक्षणिक योग्यता के कारण अटका था।
उत्तर प्रदेश सरकार ने अब खेल विभाग में रिंकू की भूमिका तय की और विशेष पदक विजेता प्रावधान का उपयोग किया, जिसके तहत पारंपरिक शैक्षणिक डिग्रियों के बजाय अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों को प्राथमिकता दी जाती है।
रिंकू अब खेल स्टेडियमों की निगरानी, जमीनी स्तर की प्रतिभाओं की पहचान और स्काउटिंग के लिए जिम्मेदार होंगे।














