
पंजाब किंग्स के खिलाफ धर्मशाला में खेले गए हाई स्कोरिंग मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने शानदार अंदाज में 211 रनों का लक्ष्य हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। दिल्ली ने यह मैच 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर जीता और इसी के साथ टीम ने प्लेऑफ की उम्मीदों को भी जिंदा रखा। इस रोमांचक जीत के बाद कप्तान अक्षर पटेल ने मैच के कई अहम पहलुओं पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि मुकाबले का असली टर्निंग पॉइंट क्या रहा और आखिर क्यों उन्होंने खुद गेंदबाजी नहीं की।
मैच के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में अक्षर पटेल ने कहा कि टीम लगातार अच्छा क्रिकेट खेल रही थी, लेकिन पिछले कुछ मुकाबलों में निर्णायक मौकों पर गलत फैसले और छोटे-छोटे अंतर हार का कारण बनते रहे। उन्होंने कहा, “मैं पिछले कई मैचों से यही बात कह रहा हूं कि हमारी टीम अच्छी क्रिकेट खेल रही थी, लेकिन जब भी मैच के अहम पल आए, हम वहां पीछे रह गए। लंबे टूर्नामेंट में ऐसा कई बार होता है। हर दिन एक जैसा नहीं होता। आज जिस तरीके से टीम ने दबाव में खेल दिखाया, उससे मैं बेहद खुश हूं और उम्मीद है कि खिलाड़ी आगे भी इसी आत्मविश्वास के साथ खेलेंगे।”
अक्षर पटेल ने मैच के टर्निंग पॉइंट को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि पंजाब की पारी के दौरान शुरुआती कुछ ओवरों में दिल्ली के गेंदबाजों ने जरूरत से ज्यादा रन खर्च कर दिए थे। खासतौर पर तीन से चार ओवरों में लगभग 60 रन चले गए, जिसने टीम को दबाव में डाल दिया। हालांकि इसके बाद मुकेश कुमार और युवा गेंदबाज माधव तिवारी ने शानदार वापसी कराई। अक्षर ने कहा, “मिडिल ओवर्स में जिस तरह मुकेश और माधव ने गेंदबाजी की, उसने मैच का रुख बदल दिया। मुझे राजस्थान वाले मुकाबले की याद आ गई, जहां बीच के ओवरों में वापसी ने हमें मैच में बनाए रखा था। वहीं बल्लेबाजी में मेरी और डेविड मिलर की साझेदारी ने पारी को संभाला और फिर आशुतोष शर्मा व माधव जैसे युवा खिलाड़ियों ने अंत तक जिम्मेदारी निभाते हुए मैच फिनिश किया।”
इस मुकाबले में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की भी रही कि कप्तान अक्षर पटेल ने खुद गेंदबाजी नहीं की। आमतौर पर अक्षर टीम के प्रमुख स्पिन गेंदबाजों में गिने जाते हैं, लेकिन धर्मशाला की पिच पर उन्होंने अपने तेज गेंदबाजों पर भरोसा जताया। इस फैसले के पीछे की सोच बताते हुए अक्षर ने कहा, “विकेट का व्यवहार अलग था। शुरुआती कुछ ओवरों के बाद हमें महसूस हुआ कि गेंद स्विंग और सीम दोनों कर रही है। आकिब नबी की गेंदबाजी के दौरान यह साफ दिखने लगा था कि तेज गेंदबाजों को मदद मिल रही है। शुरुआत में हम सही लेंथ पर गेंदबाजी नहीं कर पाए, लेकिन जैसे ही हमें हालात समझ आए, हमने स्पिन की बजाय पेस अटैक पर भरोसा बनाए रखा। मुझे लगा कि अगर तेज गेंदबाज असर डाल रहे हैं तो उसी रणनीति पर टिके रहना सही रहेगा।”
जब अक्षर से पूछा गया कि अगर माधव तिवारी महंगे साबित होते तो क्या वह खुद गेंदबाजी करने आते, तो उन्होंने साफ कहा कि कप्तान के तौर पर हमेशा बैकअप प्लान तैयार रहता है। उन्होंने कहा, “अगर माधव अपने शुरुआती ओवरों में ज्यादा रन दे देते, तो शायद आपको मुझे गेंदबाजी करते हुए देखना पड़ता। लेकिन चीजें हमारे पक्ष में गईं और जो फैसला लिया गया, वह सही साबित हुआ।”
अक्षर पटेल ने अपनी बल्लेबाजी को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने माना कि इस सीजन में वह लगातार एक ही सोच के साथ बल्लेबाजी करने उतर रहे थे, लेकिन कई बार किस्मत साथ नहीं दे रही थी। उन्होंने कहा, “मैं हर मैच में इसी मानसिकता के साथ उतर रहा था। फर्क सिर्फ इतना रहा कि आज चीजें सही दिशा में गईं। क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन जरूरी यह है कि आप अपने प्रोसेस पर भरोसा बनाए रखें। आज कुछ मौके मेरे पक्ष में गए। शायद सीजन की शुरुआत में जो कैच पकड़े जा रहे थे, आज वे छूट गए और मुझे रन बनाने का मौका मिला।”
पंजाब किंग्स जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मिली इस जीत को लेकर अक्षर पटेल काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स की युवा ब्रिगेड की जमकर तारीफ की और कहा कि टीम का भविष्य काफी उज्ज्वल दिखाई दे रहा है। अक्षर ने कहा, “हमारी बेंच स्ट्रेंथ काफी मजबूत है। जिस तरह युवा खिलाड़ी बड़े मुकाबलों में जिम्मेदारी उठा रहे हैं, वह टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है। ये खिलाड़ी सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि फील्डिंग और मैदान पर अपनी ऊर्जा से भी टीम को मजबूती देते हैं। एक कप्तान के तौर पर जब युवा खिलाड़ी दबाव में इस तरह प्रदर्शन करते हैं, तो आत्मविश्वास अपने आप बढ़ जाता है।”
दिल्ली कैपिटल्स की यह जीत सिर्फ दो अंक हासिल करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इस मुकाबले ने टीम के आत्मविश्वास को भी नई ऊर्जा दी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले मुकाबलों में दिल्ली इसी लय को बरकरार रख पाती है या नहीं।













