
एशिया कप टी20 में यूएई के खिलाफ बुधवार को कुलदीप यादव का जादू देखने लायक रहा। भारत के इस चाइनामैन गेंदबाज ने करीब 15 महीने बाद टी20 इंटरनेशनल में वापसी की और आते ही 2.1 ओवर में केवल 7 रन देकर 4 विकेट झटक डाले। यह एशिया कप टी20 के इतिहास का दूसरा सबसे बेहतरीन आंकड़ा रहा। अपने करियर के सबसे कठिन दौर और टीम से लंबे समय तक बाहर रहने के बाद कुलदीप ने आलोचकों को करारा जवाब दिया और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ भी बने।
लेकिन इसी प्रदर्शन के बाद पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने कोच गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट पर व्यंग्य किया। सोनी स्पोर्ट्स पर उन्होंने कहा, “अब कुलदीप यादव ने एक ओवर में 3 विकेट ले लिए हैं, वह अगला मैच नहीं खेलेंगे, क्योंकि भारत उन्हें ऐसे ही ट्रीट करता है। जब वह अच्छा खेलते हैं, तो उन्हें ड्रॉप कर दिया जाता है।” मांजरेकर ने आगे कहा, “मैं मजाक कर रहा हूं लेकिन कुलदीप यादव का करियर तो यही कहता है। ड्रॉप किए जाने के बीच वह कुछ जादुई करते हैं। उनके आंकड़े चाहे टेस्ट हों, ओडीआई हों या टी20 इंटरनेशनल—अविश्वसनीय हैं। वह भारतीय टीम के लिए एक अपरिहार्य खिलाड़ी हैं, लेकिन यही उनकी नियति है।”
कुलदीप ने भी मैच के बाद यह स्वीकार किया कि लंबे समय तक प्लेइंग इलेवन से बाहर रहना उनके लिए बेहद तकलीफदेह रहा है। इसके बावजूद उन्होंने अपनी गेंदबाजी में मेहनत और आत्मविश्वास बनाए रखा, जिसका नतीजा यूएई के खिलाफ उनके दमदार प्रदर्शन में देखने को मिला।
कुलदीप के इस जादू ने न केवल टीम इंडिया को बड़ी जीत दिलाई बल्कि एक बार फिर चयन नीति पर बहस भी छेड़ दी है। मांजरेकर की टिप्पणी भले हल्के-फुल्के अंदाज में थी, लेकिन भारतीय टीम के चयन और खिलाड़ियों के साथ व्यवहार पर यह एक कड़वी हकीकत भी बयान कर गई।














