
आईपीएल 2026 का लीग चरण अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है और इसी के साथ प्लेऑफ की तस्वीर भी हर मैच के बाद बदलती नजर आ रही है। रविवार को खेले गए मुकाबलों ने अंक तालिका का पूरा गणित हिला दिया। एक तरफ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पंजाब किंग्स को हराकर प्लेऑफ में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली, वहीं दूसरी ओर दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को मात देकर क्वालिफिकेशन की रेस को और ज्यादा उलझा दिया।
रियान पराग की कप्तानी वाली राजस्थान रॉयल्स को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 5 विकेट से हार झेलनी पड़ी। इस हार ने टीम की स्थिति को मुश्किल बना दिया है। दूसरी तरफ पंजाब किंग्स, जिसने सीजन की शुरुआत शानदार अंदाज में की थी और पहले सात मुकाबलों में छह जीत दर्ज की थी, अब लगातार छह हार के बाद संकट में फंस चुकी है। ऐसे में हर टीम के लिए आने वाले मुकाबले करो या मरो जैसे बन गए हैं।
गुजरात टाइटंस सबसे मजबूत स्थिति में
शुभमन गिल की कप्तानी में गुजरात टाइटंस इस समय प्लेऑफ की दौड़ में सबसे मजबूत नजर आ रही है। टीम को क्वालीफाई करने के लिए अब सिर्फ दो अंकों की जरूरत है। गुजरात का आखिरी लीग मैच चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ खेला जाना है, जो बेहद अहम माना जा रहा है।
अगर गुजरात यह मुकाबला जीत जाती है तो उसका प्लेऑफ टिकट तय हो जाएगा। हालांकि हार की स्थिति में भी टीम पूरी तरह बाहर नहीं होगी, लेकिन तब उसे दूसरी टीमों के नतीजों पर निर्भर रहना पड़ सकता है।
सनराइजर्स हैदराबाद के सामने बड़ी चुनौती
सनराइजर्स हैदराबाद के खाते में फिलहाल 14 अंक हैं और टीम को अभी दो मुकाबले खेलने बाकी हैं। एसआरएच का सामना चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु जैसी मजबूत टीमों से होना है।
अगर हैदराबाद दोनों मुकाबले जीत लेती है तो वह 18 अंकों तक पहुंच जाएगी और प्लेऑफ का रास्ता लगभग साफ हो जाएगा। लेकिन यदि टीम को सिर्फ एक जीत मिलती है, तो उसके 16 अंक ही हो पाएंगे। ऐसी स्थिति में क्वालिफिकेशन पूरी तरह अन्य टीमों के प्रदर्शन और नेट रन रेट पर निर्भर करेगा।
चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के लिए हर मैच फाइनल जैसा
चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स दोनों की स्थिति लगभग समान है। दोनों टीमों के पास अभी दो-दो मुकाबले बाकी हैं और अगर वे अपने सभी मैच जीत लेती हैं तो 16 अंकों तक पहुंच सकती हैं।
हालांकि यहां सबसे बड़ा खतरा यह है कि एक भी हार उनके प्लेऑफ के सपने को लगभग खत्म कर सकती है। यही कारण है कि अब इन दोनों टीमों को हर मैच बेहद सावधानी और रणनीति के साथ खेलना होगा। खासकर नेट रन रेट भी आगे चलकर निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
पंजाब किंग्स और केकेआर की राह बेहद कठिन
लगातार छह हार झेल चुकी पंजाब किंग्स अब अधिकतम 15 अंकों तक ही पहुंच सकती है। टीम के लिए यह स्थिति काफी निराशाजनक है क्योंकि मौजूदा समीकरणों को देखते हुए 15 अंक प्लेऑफ में पहुंचने के लिए पर्याप्त नजर नहीं आ रहे।
वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स ने भले ही सीजन की शुरुआत खराब की हो, लेकिन टीम अभी भी अपने बाकी मुकाबले जीतकर 15 अंक तक पहुंच सकती है। हालांकि पंजाब और केकेआर दोनों को सिर्फ अपने मैच जीतने से काम नहीं चलेगा। उन्हें यह भी उम्मीद करनी होगी कि दूसरी टीमें 16 अंकों तक ना पहुंच पाएं।
दिल्ली कैपिटल्स की उम्मीदें अभी जिंदा
दिल्ली कैपिटल्स की स्थिति सबसे ज्यादा पेचीदा बनी हुई है। टीम अधिकतम 14 अंकों तक ही पहुंच सकती है, जो आमतौर पर प्लेऑफ के लिए काफी नहीं माने जाते। लेकिन गणितीय रूप से दिल्ली अभी भी रेस में बनी हुई है।
डीसी को सबसे पहले अपना आखिरी मुकाबला जीतना होगा। इसके बाद उन्हें यह दुआ करनी होगी कि चौथे स्थान पर रहने वाली टीम 14 अंकों से आगे ना निकल पाए। अगर ऐसा होता है तो मामला नेट रन रेट तक जा सकता है, जहां दिल्ली की किस्मत का फैसला होगा।
आईपीएल 2026 में अब हर मुकाबला प्लेऑफ की तस्वीर बदल रहा है। यही वजह है कि इस सीजन का अंत बेहद रोमांचक और अप्रत्याशित नजर आ रहा है।














