
भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत ने पाकिस्तानी टीम को करारी हार दी। इस हार के बाद पाकिस्तान में विरोध और गुस्से की लहर देखने को मिली। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ से लेकर टीम के कप्तान सलमान आगा तक ने सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय टीम पर अपनी नाराज़गी जताई। ख़्वाजा आसिफ़ ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि भारत के प्रधानमंत्री मोदी उपमहाद्वीप में शांति की संभावना और क्रिकेट की संस्कृति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं सलमान आगा ने आरोप लगाया कि भारत ने मैच जीतने के बाद पाकिस्तानी टीम से हाथ नहीं मिलाकर क्रिकेट का अपमान किया।
लेकिन इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सलमान आगा ने पाकिस्तान की क्रिकेट टीम की आतंकवाद पर सहमति का भंडाफोड़ भी कर दिया। उन्होंने घोषणा की कि पूरी पाकिस्तानी टीम अपनी मैच फीस भारत पर हमले में मारे गए नागरिकों के परिवारों को दान करेगी। उनके अनुसार भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 7 मई को मारे गए लोग आम नागरिक नहीं बल्कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी थे, जिनमें मसूद अजहर के परिवार के सदस्य भी शामिल थे। इसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान के एयरबेस पर तीन दिनों तक स्ट्राइक की थी।
भारत की स्ट्राइक में मारे गए आतंकवादी
भारत की स्ट्राइक में जैश-ए-मोहम्मद के हेडक्वार्टर मरकज सुभानल्लाह पर हमला हुआ, जिसमें आतंकी मसूद अजहर के 14 परिवारिक सदस्य मारे गए। इसमें दो बहनोई – यूसुफ अजहर और मोहम्मद जमील अहमद, और उनका बेटा हम्ज़ा जमील शामिल था। इसके अलावा आतंकी हुज़ैफ़ा अजहर भी मारा गया, जो मसूद अजहर के भाई इब्राहिम अजहर का गोद लिया बेटा था और अफगानिस्तान व ख़ैबर पख्तूनख्वाह में जैश का संचालन करता था।
मुज़फ़्फ़राबाद स्थित मरकज़ बिलाल के संचालक याकूब मुग़ल, जैश कमांडर हसन खान और उसके साथी वकास, मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी मुदस्सिर और अबू उकसा भी इस स्ट्राइक में मारे गए। सलमान आगा ने अब ऐलान किया कि उनकी टीम की मैच फीस इन आतंकियों के परिवारों को दी जाएगी, जिससे यह साफ हो गया कि पाकिस्तानी टीम आतंकवाद का समर्थन कर रही है।
पाकिस्तानी टीम और आतंकवाद के संबंध
पाकिस्तानी क्रिकेट टीम का आतंकवाद के प्रति झुकाव कोई नई बात नहीं है। पूर्व कप्तान और प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के समय में भी उनके तालिबान समर्थक रवैये को लेकर विवाद रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ी, जैसे साहिबज़ादा फरहान, मैच के दौरान हिंसक इशारे करते देखे गए। भारत के खिलाफ हार के बाद सलमान आगा ने पूरे टीम की मैच फीस आतंकवादियों के परिवारों को देने का ऐलान किया।
यह स्पष्ट संदेश है कि पाकिस्तान की क्रिकेट टीम, सेना और सरकार आतंकवादियों और उनके परिवारों को सम्मान देती आ रही है। यह न केवल खेल में बल्कि राजनीतिक और सुरक्षा दृष्टिकोण से भी खतरनाक संकेत है। पाकिस्तानी कप्तान और टीम का यह कदम दक्षिण एशिया में सुरक्षा और शांति की चुनौतियों को और बढ़ा सकता है।














