
आईपीएल 2026 के 44वें मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मिली हार के बाद मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या काफी निराश नजर आए। मैच के बाद जब वह मीडिया के सामने आए, तो उनके चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही थी। उन्होंने हार की वजहों पर खुलकर बात की और माना कि टीम उस स्तर का स्कोर खड़ा नहीं कर पाई, जिसे इस पिच पर सुरक्षित माना जा सकता था। पांड्या के मुताबिक, इस विकेट पर 180 से 190 रन का स्कोर मुकाबले को बराबरी पर ला सकता था, लेकिन मुंबई की बल्लेबाजी उस मुकाम तक पहुंचने में नाकाम रही। नतीजतन टीम ने सिर्फ 159 रन बनाए, जिसे चेन्नई ने आसानी से 18.1 ओवर में हासिल कर लिया।
हार्दिक पांड्या ने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में स्वीकार किया कि मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स हर विभाग में बेहतर साबित हुई। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक मैच या एक रात की बात नहीं है, बल्कि पूरे खेल में विपक्षी टीम ने उनसे बेहतर प्रदर्शन किया। चाहे गेंदबाजी हो, बल्लेबाजी या फिर फील्डिंग—हर क्षेत्र में चेन्नई का पलड़ा भारी रहा। पांड्या ने साफ शब्दों में कहा कि विरोधी टीम ने हमसे ज्यादा अच्छा क्रिकेट खेला और उसी का नतीजा उन्हें जीत के रूप में मिला।
जब कप्तान से यह सवाल किया गया कि क्या इस पिच पर 180 या उससे अधिक का स्कोर जरूरी था, तो उन्होंने इस पर सहमति जताई। उन्होंने बताया कि एक समय टीम का लक्ष्य 180-190 के आसपास पहुंचने का था, लेकिन बीच के ओवरों में बल्लेबाजी की लय टूट गई। पारी के दूसरे हाफ में बल्लेबाज तेजी से रन नहीं बना पाए और टीम उम्मीद के मुताबिक फिनिश नहीं कर सकी।
पांड्या ने आगे बल्लेबाजी की चुनौतियों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह पिच ऐसी नहीं थी, जहां बल्लेबाज आसानी से बड़े शॉट खेल सकें। यहां बल्लेबाजी के लिए धैर्य और समझदारी की जरूरत थी। उन्होंने यह भी माना कि चेन्नई के गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी की, जिसके कारण मुंबई के बल्लेबाज खुलकर नहीं खेल पाए। यहां तक कि सेट होने के बाद भी बल्लेबाज गेंदबाजों पर पूरी तरह हावी नहीं हो सके।
जब उनसे पूछा गया कि टीम 180 का आंकड़ा क्यों नहीं छू पाई, तो उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों का शॉट चयन और परिस्थितियों के मुताबिक खेलना अहम था, लेकिन टीम उस संतुलन को कायम नहीं रख सकी। उन्होंने माना कि गेंदबाजों ने भी बेहतर योजनाओं के साथ गेंदबाजी की, जिससे रन गति पर लगातार दबाव बना रहा।
गेंदबाजी के प्रदर्शन को लेकर भी हार्दिक पांड्या ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि चेन्नई की बल्लेबाजी इकाई ने हालात को बेहतर तरीके से समझा और उसी के अनुसार खेला। वहीं मुंबई की गेंदबाजी उतनी प्रभावी नहीं रही, जितनी होनी चाहिए थी।
जब उनसे पूछा गया कि क्या गेंदबाजी में और ज्यादा आक्रामकता दिखाई जा सकती थी, तो उन्होंने ईमानदारी से जवाब दिया कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं है कि टीम किस तरह और ज्यादा आक्रामक हो सकती थी। उन्होंने कहा कि विकेट लेने के लिए कुछ जोखिम जरूर उठाने पड़ते हैं, लेकिन टीम ने उपलब्ध विकल्पों के अनुसार ही रणनीति बनाई थी। अंत में उन्होंने माना कि चेन्नई सुपर किंग्स ने ज्यादा समझदारी और संतुलन के साथ क्रिकेट खेला और इसी वजह से वे मैच जीतने में सफल रहे।














