फीफा वर्ल्ड कप 2026 के उद्घाटन मुकाबले में सह-मेजबान मैक्सिको ने दमदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण अफ्रीका को 2-0 से मात दी। मैक्सिको सिटी के खचाखच भरे स्टेडियम में खेले गए इस मैच में मेजबान टीम शुरू से ही आक्रामक नजर आई और उसने अपने प्रशंसकों को निराश नहीं किया। जूलियन क्विनोन्स और राउल जिमेनेज के गोलों की बदौलत मैक्सिको ने टूर्नामेंट में विजयी शुरुआत दर्ज की।
मैच की शुरुआत से ही मैक्सिकन खिलाड़ियों ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार दक्षिण अफ्रीकी रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाया। इसका परिणाम खेल के नौवें मिनट में देखने को मिला, जब जूलियन क्विनोन्स ने शानदार मूव तैयार करते हुए विपक्षी डिफेंडरों को छकाया और गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद भी मैक्सिको ने अपना दबदबा कायम रखा और दक्षिण अफ्रीका को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
पहले हाफ में मैक्सिको का रहा दबदबा
शुरुआती गोल के बाद दक्षिण अफ्रीका की टीम वापसी की कोशिश करती रही, लेकिन मैक्सिको की मजबूत रणनीति के सामने उसे सफलता नहीं मिली। खेल के 17वें मिनट में दक्षिण अफ्रीका के मिडफील्डर तेबोहो मोकोएना को खराब टैकल के लिए येलो कार्ड दिखाया गया, जिससे उनकी टीम पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया।
गर्मी और खिलाड़ियों की फिटनेस को ध्यान में रखते हुए 25वें मिनट में मैच का पहला हाइड्रेशन ब्रेक लिया गया। इसके बाद भी मुकाबले का रुख ज्यादा नहीं बदला और मैक्सिको लगातार बेहतर अवसर बनाता रहा। पहले हाफ के अंत तक दक्षिण अफ्रीका गोल करने का कोई प्रभावी मौका नहीं बना सका। निर्धारित समय के बाद चार मिनट का अतिरिक्त समय भी जोड़ा गया, लेकिन स्कोरलाइन 1-0 ही रही और मैक्सिको बढ़त के साथ ब्रेक में गया।
दूसरे हाफ में दक्षिण अफ्रीका की मुश्किलें बढ़ीं
ब्रेक के बाद दक्षिण अफ्रीका को उम्मीद थी कि वह मुकाबले में वापसी करेगा, लेकिन दूसरे हाफ की शुरुआत उसके लिए बेहद निराशाजनक रही। खेल के 49वें मिनट में स्पेफेलो सिथोले को सीधे रेड कार्ड दिखा दिया गया। उन्होंने मैक्सिको के एरिक गुटिएरेज को उस समय फाउल किया जब वे गोल की ओर तेजी से बढ़ रहे थे। रेफरी ने इसे गंभीर उल्लंघन मानते हुए उन्हें मैदान से बाहर भेज दिया।
एक खिलाड़ी कम होने के बाद दक्षिण अफ्रीका की टीम दबाव में आ गई और उसके लिए मुकाबले में बने रहना और कठिन हो गया। मैक्सिको ने इस स्थिति का पूरा फायदा उठाया और लगातार आक्रमण जारी रखा। आखिरकार 67वें मिनट में राउल जिमेनेज ने शानदार गोल कर टीम की बढ़त दोगुनी कर दी। इस गोल ने दक्षिण अफ्रीका की वापसी की उम्मीदों को लगभग समाप्त कर दिया।
वीएआर जांच के बाद दूसरा रेड कार्ड
मुकाबले के अंतिम चरण में दक्षिण अफ्रीका की परेशानियां और बढ़ गईं। 84वें मिनट में वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की मदद से हुई समीक्षा के बाद रेफरी ने थेम्बा ज्वाने को भी रेड कार्ड दिखा दिया। इस फैसले के बाद दक्षिण अफ्रीका को मैच के अंतिम मिनट केवल नौ खिलाड़ियों के साथ खेलने पड़े।
दो खिलाड़ियों के बाहर होने से अफ्रीकी टीम पूरी तरह रक्षात्मक हो गई और उसके लिए आक्रमण करना लगभग असंभव हो गया। मैक्सिको ने इस दौरान गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और स्कोर को सुरक्षित रखा।
मैक्सिको को भी लगा झटका
हालांकि मैच के अंतिम क्षणों में मैक्सिको को भी एक झटका लगा। डिफेंडर सीजर मॉन्टेस ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी खुलिसो मुदाउ को रोकने के दौरान नियमों का उल्लंघन किया, जिसके बाद रेफरी ने उन्हें रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया।
हालांकि तब तक मुकाबला लगभग समाप्ति की ओर बढ़ चुका था, इसलिए इस निर्णय का परिणाम पर कोई खास असर नहीं पड़ा। अंतिम सीटी बजते ही स्टेडियम में जश्न का माहौल बन गया और मैक्सिको ने 2-0 की प्रभावशाली जीत के साथ अपने अभियान का सफल आगाज किया।
इस मुकाबले की सबसे बड़ी चर्चा केवल मैक्सिको की जीत नहीं रही, बल्कि मैच में दिखाए गए कुल तीन रेड कार्ड भी रहे। दक्षिण अफ्रीका के दो खिलाड़ियों और मैक्सिको के एक खिलाड़ी को मैदान छोड़ना पड़ा, जिससे यह उद्घाटन मैच शुरुआत से अंत तक रोमांच और नाटकीय घटनाओं से भरपूर नजर आया।














