
पाकिस्तान क्रिकेट में एक बार फिर से बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। लंबे समय से कप्तानी को लेकर जारी असमंजस आखिर खत्म हो गया है, लेकिन इसके साथ ही एक नई बहस ने जन्म ले लिया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान को एकदिवसीय टीम की कप्तानी से हटा दिया है और तेज़ गेंदबाज़ शाहीन शाह अफरीदी को नया कप्तान नियुक्त किया है।
इस ऐलान के साथ ही पाकिस्तान क्रिकेट में नेतृत्व संकट की एक और परत खुल गई है। 33 वर्षीय रिजवान और 25 वर्षीय शाहीन, दोनों ही इस समय दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चल रही टेस्ट सीरीज़ में टीम का हिस्सा हैं, लेकिन एक दिन पहले ही अचानक रिजवान की कप्तानी का अंत कर दिया गया।
दिलचस्प बात यह रही कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इस फैसले की कोई स्पष्ट वजह सार्वजनिक नहीं की। न ही अपने बयान में रिजवान का नाम शामिल किया और न ही उनके योगदान का कोई जिक्र किया गया। PCB ने बताया कि यह निर्णय इस्लामाबाद में हुई सिलेक्शन कमेटी और व्हाइट-बॉल कोच माइक हेसन के साथ बैठक के बाद लिया गया।
पिछले सप्ताह भी PCB ने कप्तानी को लेकर जारी एक बयान में रिजवान को लेकर कोई पुष्टि नहीं की थी। उस वक्त ही यह संकेत मिल गए थे कि कप्तानी में बदलाव की तैयारी चल रही है। उस बयान में कोच हेसन ने चेयरमैन मोहसिन नक़वी से एक सलाहकार समिति की बैठक बुलाने का अनुरोध किया था। अब सामने आ रही जानकारियों के अनुसार, शाहीन की कप्तानी की सिफारिश सिर्फ कोच की ओर से नहीं, बल्कि बोर्ड के उच्च पदाधिकारियों की ओर से भी आई थी।
कप्तान के रूप में शाहीन की वापसी
शाहीन शाह अफरीदी इससे पहले भी पाकिस्तान की व्हाइट-बॉल टीम की कप्तानी कर चुके हैं। जनवरी 2024 में उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज़ के लिए कप्तान बनाया गया था, लेकिन उस दौरे पर पाकिस्तान को करारी हार झेलनी पड़ी थी और टीम 1-4 से सीरीज़ हार गई थी। इसके बाद शाहीन से कप्तानी वापस लेकर बाबर आज़म को फिर से टीम की कमान सौंप दी गई थी।
अब एक बार फिर शाहीन को जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन इस बार फॉर्मेट अलग है और चुनौती भी। एकदिवसीय क्रिकेट में कप्तानी करना पूरी तरह अलग स्तर का काम है, खासकर तब जब टीम हाल ही में घरेलू चैंपियंस ट्रॉफी में पहले ही दौर से बाहर हो चुकी हो।
रिजवान के प्रदर्शन पर उठे सवाल
रिजवान की कप्तानी का कार्यकाल बहुत लंबा नहीं रहा, लेकिन इसमें उन्होंने कुछ अहम जीतें जरूर दिलाई थीं। खासतौर पर 2024 में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली सीरीज जीत उनके पक्ष में गई थी। साथ ही, उन्होंने एक कप्तान और बल्लेबाज़ के तौर पर औसतन 42 से ज्यादा के आंकड़े के साथ रन बनाए। लेकिन इस साल घरेलू टूर्नामेंट में टीम की खराब शुरुआत और नतीजों ने उनके नेतृत्व पर सवाल खड़े कर दिए थे।
शाहीन की लय में वापसी
पिछले एक साल में शाहीन अफरीदी ने तेज़ गेंदबाज़ी में अपनी अहमियत को एक बार फिर से साबित किया है। 2023 के वर्ल्ड कप के बाद से अब तक उन्होंने 45 विकेट लिए हैं, जो किसी भी फुल मेंबर टीम के तेज गेंदबाजों में सबसे ज्यादा हैं। उनके प्रदर्शन में निरंतरता रही है और उन्होंने कई बार अकेले दम पर मैच का रुख पलटा है।
रावलपिंडी में जारी टेस्ट सीरीज़ के बाद पाकिस्तान टीम, शाहीन की अगुवाई में अगले महीने फैसलाबाद में व्हाइट-बॉल सीरीज़ खेलेगी। इस नई शुरुआत से उम्मीद की जा रही है कि पाकिस्तान क्रिकेट एक बार फिर स्थिरता की ओर बढ़ेगा, लेकिन जिस तरह से कप्तानी में बार-बार बदलाव हो रहा है, उससे अस्थिरता की आशंका भी बनी हुई है।
पाकिस्तान क्रिकेट में नेतृत्व का यह नया अध्याय अब शाहीन के हाथों में है। देखना यह होगा कि वह अपने पहले मौके से मिली सीख को इस बार कैसे एक सफल कप्तानी में बदल पाते हैं।














