
एशिया कप 2025 के सुपर-4 चरण में अब समीकरण पूरी तरह से साफ हो चुके हैं। मंगलवार, 23 सितंबर को अबू धाबी के शेख जायद स्टेडियम में पाकिस्तान और श्रीलंका आमने-सामने होंगे और यह मुकाबला दोनों ही टीमों के लिए ‘करो या मरो’ से कम नहीं होगा। दोनों टीमें सुपर-4 में अपनी शुरुआत हार के साथ कर चुकी हैं और अब अगर जीत नहीं मिली, तो टूर्नामेंट से बाहर होना लगभग तय है।
पाकिस्तान जहां भारत के खिलाफ लगातार दूसरी हार के बाद दबाव में है, वहीं श्रीलंका को बांग्लादेश ने पटखनी देकर चौंका दिया है। अब ये मुकाबला सिर्फ अंक तालिका की बात नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और टीम की साख की लड़ाई बन चुका है।
पाकिस्तान: जीत के लिए सब कुछ दांव पर
भारतीय टीम से बुरी तरह हारने के बाद पाकिस्तान की स्थिति नाजुक हो गई है। 21 सितंबर को सूर्या कुमार यादव की आक्रामक बल्लेबाजी ने पाकिस्तानी गेंदबाजों की पोल खोल दी और साथ ही बल्लेबाजी क्रम की भी असलियत सामने आ गई। सुपर-4 की अंक तालिका में पाकिस्तान निचले पायदान पर है और अब अगर वे श्रीलंका और बांग्लादेश को नहीं हरा सके, तो एशिया कप की ट्रॉफी का सपना अधूरा ही रह जाएगा।
सलमान आगा की कप्तानी में पाकिस्तान अब तक कोई प्रभाव नहीं छोड़ सका है। ओमान और यूएई जैसी कमजोर टीमों से बमुश्किल जीतने के बाद, भारत जैसी मजबूत टीम से पार पाना आसान नहीं था। पाकिस्तान की बल्लेबाजी खासकर मध्यक्रम में गंभीर संकट में नजर आई है।
भारत के खिलाफ 91 रन पर एक विकेट की स्थिति में होने के बावजूद, 11वें से 16वें ओवर तक सिर्फ 30 रन बने और दो अहम विकेट गिर गए। हुसैन तलत की धीमी बल्लेबाजी (10 रन, 11 गेंद) ने दर्शाया कि मिडल ऑर्डर में स्थिरता और आक्रामकता दोनों की कमी है।
महीनों से पाकिस्तान की फील्डिंग भी चिंता का विषय बनी हुई है। भारत के खिलाफ मुकाबले में वे कई आसान कैच छोड़ बैठे, जिनमें सबसे अहम था अभिषेक शर्मा को दो बार जीवनदान देना। अभिषेक ने इसका पूरा फायदा उठाते हुए 74 रनों की पारी खेली, जिसने मैच की दिशा ही बदल दी।
श्रीलंका: आत्मविश्लेषण और रणनीति की ज़रूरत
दूसरी ओर श्रीलंका भी बांग्लादेश से मिली चार विकेट की हार से आहत है। 168/7 का स्कोर एक समय चुनौतीपूर्ण लग रहा था, लेकिन श्रीलंकाई गेंदबाज उसे बचा नहीं सके। पथुम निसंका और कुसल मेंडिस की सधी शुरुआत के बावजूद मध्यक्रम लड़खड़ा गया। 55/1 से गिरते-गिरते टीम 98/4 तक पहुंच गई और वहां से वापसी मुश्किल हो गई।
दासुन शनाका की 64 रनों की पारी ने थोड़ी उम्मीद दी, लेकिन बाकी बल्लेबाजों का साथ न मिलना टीम के लिए भारी पड़ गया। गेंदबाजी में वानिंदु हसरंगा (2/22) अकेले दम पर लड़ते नजर आए। स्पिन विभाग में सहयोग की कमी साफ दिखी और यही वजह है कि अब माहिश तीक्षाणा की वापसी की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं।
तीक्षाणा ने ग्रुप स्टेज में बांग्लादेश के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए 2/19 का प्रदर्शन किया था। उनकी विविधता और नियंत्रण हसरंगा के दबाव को कम कर सकते हैं और टीम को संतुलन दे सकते हैं।
अबू धाबी की पिच और मुकाबले की तस्वीर
अबू धाबी की पिच पारंपरिक रूप से धीमी रही है और यहां स्पिनरों को काफी मदद मिलती है। इस कारण से शुरुआत में तेजी से रन बनाना जरूरी होगा, क्योंकि पारी के मध्य और अंतिम हिस्से में रन बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
पाकिस्तान और श्रीलंका दोनों ही स्पिन आक्रमण पर निर्भर हैं और इस लिहाज से यह मुकाबला गेंदबाजों की रणनीति का भी इम्तिहान होगा। पाकिस्तान को जहां अपनी फील्डिंग और मिडल ऑर्डर को मजबूत करना होगा, वहीं श्रीलंका को बल्लेबाजी में गहराई और गेंदबाजी में विविधता लानी होगी।
मैच से जुड़ी मुख्य जानकारी:
—स्थान: शेख जायद स्टेडियम, अबू धाबी
—समय: 23 सितंबर, रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार)
—लाइव स्ट्रीमिंग: SonyLiv ऐप और Sony Sports Network पर
संभावित प्लेइंग इलेवन:
पाकिस्तान: सईम अयूब, साहिबजादा फरहान, फखर ज़मान, सलमान आगा (कप्तान), हुसैन तलत, मोहम्मद हारिस (विकेटकीपर), मोहम्मद नवाज, फहीम अशरफ, शाहीन अफरीदी, हारिस रऊफ, अबरार अहमद
श्रीलंका: पथुम निसंका, कुसल मेंडिस, कमिल मिशारा, कुसल परेरा, चरिथ असलंका, कमिंदु मेंडिस, दासुन शनाका, वानिंदु हसरंगा, मथीशा पथिराना, दुश्मंथा फर्नांडो, नुवान तुषारा
इस मैच में हार किसी भी टीम के लिए टूर्नामेंट से बाहर होने के बराबर होगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि दबाव में कौन सी टीम निखर कर सामने आती है – पाकिस्तान की फाइटिंग स्पिरिट या श्रीलंका की रणनीतिक वापसी?














