
भारतीय क्रिकेट टीम को नया जर्सी स्पॉन्सर मिल गया है और अब टीम इंडिया की जर्सी पर अपोलो टायर्स का लोगो नजर आएगा। ड्रीम-11 के साथ करार खत्म होने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपोलो टायर्स को नया टाइटल स्पॉन्सर घोषित किया है। यह समझौता मार्च 2028 तक के लिए किया गया है, जिसमें अपोलो टायर्स सभी प्रारूपों — टेस्ट, वनडे और टी20 — में भारतीय पुरुष और महिला टीमों की जर्सी पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगा।
बीते कुछ समय से टीम इंडिया बिना किसी जर्सी स्पॉन्सर के खेल रही थी। पुरुष टीम फिलहाल एशिया कप 2025 में, जबकि महिला टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज़ में बिना किसी प्रायोजक के मैदान में उतर रही है। अब इस नई डील के बाद भारतीय क्रिकेट टीम को दोबारा एक बड़ा ब्रांड सहयोग मिल गया है।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अपोलो टायर्स और बीसीसीआई के बीच हुई इस डील की कुल कीमत 579 करोड़ रुपये है। इस करार के अंतर्गत अपोलो टायर्स हर अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए बीसीसीआई को ₹4.5 करोड़ से अधिक का भुगतान करेगा। यह आंकड़ा ड्रीम-11 के पिछले करार से कहीं अधिक है, जो लगभग ₹358 करोड़ रुपये का था। भारतीय टीम के व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम को देखते हुए, अपोलो टायर्स को वैश्विक स्तर पर ब्रांड एक्सपोज़र मिलने की उम्मीद है।
हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं किया गया है कि 30 सितंबर से भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेज़बानी में होने वाले महिला वर्ल्ड कप में भी भारतीय महिला टीम की जर्सी पर अपोलो टायर्स का लोगो दिखाई देगा या नहीं।
ड्रीम-11 के साथ करार रद्द होने की वजह ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम 2025 है, जो हाल ही में संसद में पारित किया गया। इस नए कानून के अंतर्गत पैसे के बदले खेले जाने वाले सभी ऑनलाइन गेम्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही ऐसे विज्ञापनों और वित्तीय सहयोग पर भी रोक है जो इन खेलों को बढ़ावा देते हैं। इस कानून के लागू होने के बाद बीसीसीआई ने ड्रीम-11 से करार समाप्त कर दिया और नए स्पॉन्सर के लिए टेंडर आमंत्रित किया था।
इस करार के साथ अपोलो टायर्स ने न केवल एक बड़ा ब्रांडिंग मौका हासिल किया है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के साथ खुद को जोड़कर वैश्विक खेल बाज़ार में अपनी उपस्थिति को और भी मज़बूत कर लिया है।














