उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक शिक्षक ने 10 साल के मासूम छात्र को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसका पैर टूट गया और कान से सुनाई देना बंद हो गया। जब परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई और मेडिकल जांच कराई, तो आरोपी शिक्षक ने दबाव बनाकर समझौते के बदले 200 रुपये देने की पेशकश कर दी। यह घटना कोतवाली बिलग्राम क्षेत्र के बिरौरी गांव स्थित श्री कल्याणी देवी बाल कल्याण केंद्र विद्यालय की है। यहां के शिक्षक हर्षित पर आरोप है कि उन्होंने छात्र को मुर्गा बनाकर उसकी पीठ पर बैठ गए, जिससे उसकी हड्डी टूट गई। पीड़ित छात्र ने बताया कि एक सवाल का जवाब न दे पाने पर शिक्षक ने न सिर्फ उसे बेरहमी से मारा, बल्कि अपमानजनक जातिसूचक शब्द भी कहे। मारपीट की वजह से बच्चे का पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसके कान से सुनाई भी नहीं दे रहा है। छात्र की मां रंजना ने जब पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, तो मेडिकल जांच में पैर की हड्डी टूटने की पुष्टि हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी शिक्षक हर्षित को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने मासूम छात्र के परिजनों की ओर से दी गई तहरीर के बाद में दोषी शिक्षक के खिलाफ एक्शन लिया। शिक्षक पर आरोप है कि उसने 10 साल के छात्र को सवाल का जवाब न दे पाने पर बेरहमी पीटा और उसे एक घंटे तक मुर्गा बनाकर रखा। पीड़ित छात्र ने बताया कि इस दौरान वह उसकी पीठ पर भी बैठा था, जिससे उसके पैर की हड्डी टूट गई है। उसे सुनाई देना बंद हो गया है। इसके साथ ही ये भी आरोप है कि शिक्षक ने बच्चे को पीटते हुए उसे जातिसूचक शब्द भी कहे। पिटाई के बाद छात्र डरा हुआ है, जिसका इलाज हॉस्पिटल में चल रहा है। उसके टूटे पैर में प्लास्टर चढ़ाया गया है। हरदोई के बिलग्राम कोतवाली के प्रभारी उमाकांत दीपक ने बताया कि शिक्षक ने छात्र की पिटाई की है। छात्र को मेडिकल के लिए अस्पताल भेजा गया है। एक्सरे में उसका पैर टूटा हुआ पाया गया है। घटना की सूचना मिलने के बाद आरोपी शिक्षक हर्षित को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षक के खिलाफ कड़े से कड़ा एक्शन लेगी।