अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए एक नई घोषणा की है, जिससे भारत और चीन को बड़ा झटका लग सकता है। ट्रंप ने ऐलान किया है कि वेनेजुएला से तेल खरीदने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाया जाएगा, जो 2 अप्रैल से प्रभावी होगा।
भारत के लिए यह फैसला खासा अहम है क्योंकि वह वेनेजुएला से तेल आयात करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है। 2023 में भारत ने वेनेजुएला से लगभग 22 मिलियन बैरल कच्चा तेल आयात किया था, जो उसकी कुल कच्चे तेल खरीद का लगभग 1.5% था। एक रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में वेनेजुएला ने प्रतिदिन लगभग 660,000 बैरल कच्चा तेल भारत, चीन और स्पेन सहित कई देशों को निर्यात किया था। ट्रंप के इस फैसले से भारत की ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक संतुलन पर असर पड़ सकता है।
कई देशों पर पड़ेगा असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस कदम का प्रभाव केवल भारत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चीन समेत कई अन्य देश भी इससे प्रभावित होंगे। यह फैसला वैश्विक व्यापार में नई अनिश्चितताओं को जन्म दे सकता है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर घोषणा की कि वेनेजुएला से तेल खरीदने वाले देशों पर लगाया गया 25% टैरिफ 2 अप्रैल से प्रभावी होगा।
अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद, वेनेजुएला भारत और चीन जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को तेल निर्यात करता रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, स्पेन, रूस, सिंगापुर और वियतनाम भी वेनेजुएला से तेल खरीदते हैं। जनगणना ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका ने जनवरी में वेनेजुएला से 8.6 मिलियन बैरल कच्चा तेल आयात किया था।
ट्रंप ने इस टैरिफ के पीछे कई कारण गिनाए, जिनमें वेनेजुएला पर हजारों अपराधियों को जानबूझकर और धोखे से अमेरिका भेजने का आरोप भी शामिल है। उनकी यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब पिछले महीने अमेरिका और वेनेजुएला के बीच निर्वासन पाइपलाइन निलंबित कर दी गई थी। इसके जवाब में वेनेजुएला ने अमेरिकी प्रत्यावर्तन उड़ानों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।
एक्सपर्ट्स की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के इस फैसले का असर व्यापक होगा। न्यूज एजेंसी AFP से बातचीत में एक्सपर्ट्स ने बताया कि वेनेजुएला न केवल भारत और चीन बल्कि अमेरिका और स्पेन को भी तेल निर्यात करता है। ट्रंप के अनुसार, 25% टैरिफ मौजूदा दरों के अतिरिक्त लगाया जाएगा, जिससे वैश्विक तेल व्यापार पर दबाव बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, फरवरी में वेनेजुएला ने चीन को प्रतिदिन लगभग 500,000 बैरल और अमेरिका को 240,000 बैरल तेल की आपूर्ति की थी। इस बीच, ट्रंप ने 2 अप्रैल को "लिबरेशन डे" के रूप में घोषित किया है, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।