
गुरुवार सुबह नागौर के नावांसिटी में फाटक संख्या बीस पर भीषण हादसा देखने को मिला जिसने इलाके में सनसनी फैला दी। यहां गेटमैन की गलती एक चरवाहे और भेड़ों की जान पर भारी पड़ गई। शहर के फाटक संख्या बीस पर गुरुवार सुबह बीकानेर-कलकत्ता सुपरफास्ट ट्रेन की चपेट में आने से सात भेड़ व चरवाहे की मृत्यु हो गई। सूचना मिलने पर तहसीलदार गुरुप्रसाद तंवर व सहायक थानाधिकारी राजेश मीणा मौके पर पहुंचे व रेलवे पुलिस को सूचना दी। रेलवे पुलिस व स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम करवाया गया व परिजनों को शव सुपुर्द किया गया।
वार्ड संख्या दो निवासी रामेश्वरलाल जांदू पुत्र मोहनलाल जांदू भेड़ों को चराने के लिए लेकर जा रहा था। रेलवे फाटक पार करने के दौरान भेड़ें इधर-उधर भागने लग गईं। तभी अचानक ट्रेन आ गई। बीकानेर से कलकत्ता जाने वाली सुपरफास्ट की चपेट में आने से सात भेड़ों की मृत्यु हो गई वहीं भेड़ को बचाने के प्रयास में चरवाहा रामेश्वरलाल भी चपेट में आ गया जिससे मौके पर ही रामेश्वरलाल की मृत्यु हो गई।
हादसे का समाचार मिलते ही मौके पर काफी संख्या में लोग आ गए। लोगों ने बताया कि गेटमैन मान सिंह की ओर से अधिकांश समय फाटक बन्द रखा जाता है। ट्रेन नहीं आए तो भी फाटक बन्द कर बैठा रहता है। चरवाहे के आने पर गेटमैन की ओर से उसे ट्रेन के आने के बारे में नहीं बताया गया। जिससे यह दुर्घटना घटित हुई। लोगों ने शराब पीकर कार्य करने का भी आरोप लगाया।














