राजस्थान के उदयपुर की फतेह सागर झील में एक ही दिन में दो शव मिलने से हड़कंप मच गया। मंगलवार सुबह 7:30 बजे काला किवाड़ के पास एक महिला का शव मिला, जबकि शाम को करीब 50 मीटर दूर एक युवती का शव पानी की सतह पर तैरता हुआ पाया गया।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि सुबह मिले शव की पहचान डूंगरपुर के बिछीवाड़ा निवासी सविता परमार के रूप में हुई, जो उदयपुर के एक निजी कॉलेज में टीचर थीं। दूसरी ओर, शाम को मिली युवती की पहचान 24 वर्षीय आदित्या के रूप में हुई, जो सविता के ही कॉलेज में पढ़ती थी और बिछीवाड़ा की ही निवासी थी।
जानकारी के अनुसार, सविता परमार की बेटी की 23 जनवरी को बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद से वह गहरे अवसाद में थीं। एक दिन पहले उनके परिजन उन्हें लेने उदयपुर आए थे, लेकिन सविता ने कॉलेज की चाबी लौटाने का बहाना बनाकर साथ जाने से मना कर दिया और लापता हो गईं। जब वह नहीं मिलीं, तो परिजनों ने सूरजपोल पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
आदित्या और सविता के बीच था गहरा स्नेह
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक आदित्या, सविता और उनकी बेटी के बीच गहरा भावनात्मक लगाव था। आशंका जताई जा रही है कि डूंगरपुर जाने से पहले सविता ने किसी बहाने से बस से उतरकर आदित्या से मिलने गई होगी। इसके बाद दोनों फतेह सागर झील पहुंचे, जहां सविता ने छलांग लगा दी। उसे बचाने के लिए आदित्या भी पानी में कूद गई, जिससे दोनों की डूबने से मौत हो गई।
सविता विधानसभा चुनाव लड़ चुकी
उदयपुर की खेरवाड़ा विधानसभा से 2023 में सविता निर्दलीय चुनाव लड़ चुकी और इससे पहले वह आप पार्टी से भी विधानसभा उम्मीदवार रही थी। उदयपुर के पूर्व सांसद अर्जुन लाल मीणा ने बताया कि सविता सरकारी टीचर थी। बाद में सरकारी नौकरी छोड़कर मेरे काॅलेज में पढ़ा रही थी। सविता का महिला एवं बाल विकास विभाग में आईसीडीएस में सुपरवाइजर के पद पर सिलेक्शन हो गया था और महीने भर में पोस्टिंग मिलने वाली थी।
फिलहाल, सविता के शव का पोस्टमार्टम हो चुका है, जबकि आदित्या के शव की जांच प्रक्रिया अभी बाकी है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है कि यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई और वजह छिपी है।