
कोरोना संकट के बीच पंजाब सरकार के कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर आई है। राज्य सरकार के छठे वेतन आयोग (6th Pay Commission) ने कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन को डबल करने की सिफारिश की है। आयोग ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को रिपोर्ट सौंपी हैं और जल्द ही सभी कर्मचारियों के वेतन में इजाफा हो सकता है। हालाकि, आयोग ने सरकार को यह रिपोर्ट उस समय सौंपी है जब कोरोना के कारण राज्य की आर्थिक स्थिति पहले से ही दबाव में है।
मनी कंट्रोल की खबर के मुताबिक, कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन 6 हजार 950 रुपये को बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह करने की सिफारिश की जा रही है। इसके साथ ही कई तरह के भत्ते में भी इजाफा करने को कहा जा रहा है। बता दें पेंशन और डीए में भी वृद्धि की सिफारिश की है, जबकि फिक्सड मेडिकल भत्ते व ग्रेजुएटी को दोगुणा करने का सुझाव दिया है। यदि सिफारिशें मान ली जाती हैं तो कर्मचारियों व पेंशन धारकों को अब एक हजार रुपये फिक्सड मेडिकल भत्ता मिलेगा। इसके अलावा निधन होने या रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली ग्रेजुएटी को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने की भी सिफारिश की गई है। सीएम कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस सिफारिश के चलते राज्य पर हर साल 3500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ने की संभावना है।
प्रवक्ता ने बताया कि कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में औसतन 20% के दायरे में इजाफा होने की संभावना है। उन्होंने आगे बताया कि पांचवें वेतन आयोग की सिफारशों के मुकाबले वेतन में 2.59% की बढ़ोतरी हो सकती है। राज्य सरकार के फाइनेंस डिपार्टमेंट को इस बारे में जानकारी दे दी है ताकि इसमें आगे की कार्यावाही के लिए कैबिनेट में रखा जा सके।














