लॉकडाउन में अपने मजदूरों को हवाई जहाज से घर भेजने वाले किसान पप्पन सिंह ने की खुदकुशी, शिवालय में मिला शव

By: Priyanka Maheshwari Wed, 24 Aug 2022 09:43:02

लॉकडाउन में अपने मजदूरों को हवाई जहाज से घर भेजने वाले किसान पप्पन सिंह ने की खुदकुशी, शिवालय में मिला शव

कोरोना वायरस महामारी के चलते लगे पहले लॉकडाउन के दौरान मशरूम के खेत में काम करने वाले अपने मजदूरों को हवाई जहाज से बिहार भेजने को लेकर सुर्खियों में आए किसान पप्पन सिंह गहलोत ने खुदकुशी कर ली है। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पप्पन के घर के सामने बने मंदिर के शिवालय में पंखे से लटकी उनकी लाश मिली। शव के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें बीमारी की वजह से खुदकुशी करने की बात लिखी गई है। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पप्पन सिंह गहलोत तिगरीपुर गांव में ही मशरूम उत्पादन करते थे। मशरूम की खेती बहुत ही कम किसान करते हैं उनमें से एक नाम 55 वर्षीय पप्पन सिंह गहलोत का है। पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए बीजेआरएम अस्पताल में सुरक्षित रखा है। हालांकि परिवार ने किसी पर शक नहीं जताया है। आगे की पूछताछ की कार्यवाही की जाएगी।

दिल्ली पुलिस ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार शाम करीब 5 बजे थाना अलीपुर में शिव मंदिर में एक व्यक्ति की फांसी पर लटके जाने की पीसीआर कॉल आई। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पाया कि गांव तिग्गीपुर के रहने वाले पप्पन नामक 55 वर्षीय व्यक्ति का शव वहां शिवालय में पंखे से लटक रहा था।

पुलिस ने बताया कि पप्पन का घर शिव मंदिर के सामने ही है और वह रोजाना मंदिर जाते थे। मंगलवार शाम करीब 5 बजे पुजारी ने उसे पंखे से लटका देखा तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें बीमारी (बीपी/शुगर आदि) के कारण आत्महत्या करने की बात कही गई है।

बता दें कि पप्पन सिंह गहलोत तब सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने लॉकडाउन के दौरान अपने खेत में काम करने वाले मजदूरों को हवाई जहाज से बिहार भेजा था और फिर लॉकडाउन खत्म होने और हालात सामान्य होने पर हवाई जहाज से भी काम पर वापस बुलाया था। पप्पन सिंह गहलोत बेहद हंसमुख और खुले दिल के व्यक्ति थे जो अपने मजदूरों से भी उसी तरीके से हंसी मजाक करते थे जैसे कि वह अपने किसी दोस्त के साथ करते थे। उन्होंने कभी अमीर और गरीब के बीच फर्क नहीं समझा।

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