अब आपकी विदेश यात्रा और बिजली के बिल पर भी मोदी सरकार रखेगी नजर, यह है नया प्लान

By: Pinki Sun, 07 July 2019 11:53 PM

अब आपकी विदेश यात्रा और बिजली के बिल पर भी मोदी सरकार रखेगी नजर, यह है नया प्लान

टैक्स चोरी रोकने के लिए मोदी सरकार (Modi Government) ने नया कदम उठाया है जिसके चलते अब आपके विदेश यात्रा और बिजली के बिल पर भी नजर रखी जाएगी। अगर कोई व्यक्ति खुद की या किसी अन्य व्यक्ति की विदेश यात्रा पर कुल 2 लाख रुपये से अधिक का व्यय करता है तो भी उसे आयकर विवरण देना होगा। वहीं अगर सालाना बिजली का बिल 1 लाख रुपये से अधिक है तो उसे भी आयकर रिटर्न दाखिल करना होगा।

आम बजट 2019 में टैक्स की चोरी रोकने और टैक्स बेस बढ़ाने के उद्देश्य से यह प्रस्ताव किए गए हैं। बजट के साथ प्रस्तुत वित्त विधेयक(2)-2019 में आयकर अधिनियम की धारा-139 में कुछ संशोधन के प्रस्ताव हैं।

इनके लिए टैक्स विवरण देना अनिवार्य

- किसी भी शख्स के द्वारा एक निश्चित राशि से अधिक का लेनदेन करने पर आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य होगा।

- अगर आपने 1 लाख रुपये से अधिक या आपने सालभर में बैंक में 1 करोड़ रुपये से अधिक जमा कराए हैं तो भले आपकी टैक्सेबल इनकम 5 लाख रुपये सालाना से कम हो, आपके लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करना अनिवार्य होगा।

- अगर कोई व्यक्ति एक साल में किसी बैंकिंग कंपनी या सहकारी बैंक में एक या एक से अधिक चालू खाते में कुल एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा कराता है तो उसे आयकर विवरण देना अनिवार्य होगा।

- इसी तरह आयकर अधिनियम की धारा-54 के तहत लांगटर्म कैपिटल गेन पर टैक्स छूट का दावा करने वालों को भी आयकर विवरण देना होगा।

- फिलहाल इस समय पूंजीगत लाभ को मकान, बांड जैसी परिसंपत्तियों में निवेश पर आयकर में छूट मिल जाती है और इसके लिए उन्हें आयकर विवरण दाखिल नहीं करना होता है। यह सभी संशोधन 1 अप्रैल 2020 से प्रभावी होंगे और आकलन वर्ष 2020-21 और उसके बाद के लिए लागू होंगे।

कैश ट्रांजैक्शन कम करने के लिए प्रस्ताव

सरकार कैश के लेनदेन को कम करना चाहती है। जिसके तहत आयकर अधिनियम में धारा-194 एन जोड़ने का प्रस्ताव है। बैंक या सहकारी बैंक या डाकघर के खातों से 1 साल में 1 करोड़ से ज्यादा निकासी पर 2 फीसदी की दर से स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) करने की सिफारिश की गई है। यह प्रावधान सरकार, बैंकिंग कंपनी, बैंकिंग में लगी सहकारी समिति, डाकघर, बैंकिंग प्रतिनिधि और व्हाइट लेबल एटीएम परिचालन करने वाली इकाइयों पर लागू नहीं होगा, क्योंकि व्यवसाय के तहत उन्हें भारी मात्रा में नकद धन का इस्तेमाल करना होता है।

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