न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

आतंकियों का मारकर भारत ने दुनिया को दिया सख्त संदेश, कहा- हमने वही किया जो संयुक्त राष्ट्र भी मानता है

भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर दुनिया को ठोस संदेश दिया है।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Thu, 08 May 2025 10:19:22

आतंकियों का मारकर भारत ने दुनिया को दिया सख्त संदेश, कहा- हमने वही किया जो संयुक्त राष्ट्र भी मानता है

पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत की सैन्य कार्रवाई को लेकर सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक ठोस और स्पष्ट संदेश दिया है। भारत सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आतंकियों को निशाना बनाकर हमने वही किया है जिसकी पुष्टि और अपेक्षा खुद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद करती है। इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल न्याय सुनिश्चित करना नहीं था, बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं से संचालित हो रहे आतंकी नेटवर्क को भविष्य में भारत पर हमले करने से रोकना भी था।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के हाल ही में आए उस बयान के अनुसार ही था, जिसमें इस बर्बर हमले के दोषियों और उनके समर्थकों को न्याय के दायरे में लाने की आवश्यकता पर बल दिया गया था। भारतीय सेना ने पहलगाम हमले का करारा जवाब देते हुए मंगलवार देर रात पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन ठिकानों में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे कुख्यात आतंकी संगठनों के मुख्य केंद्र भी शामिल थे। भारत की यह "संतुलित, मापी-तुली और टकराव से बचने वाली" कार्रवाई मात्र 25 मिनट में पूरी की गई।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पीछे की वजहें वैश्विक शक्तियों को बताईं

भारत ने अपनी सैन्य कार्रवाई के पीछे के कारणों को लेकर वैश्विक समुदाय, विशेषकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों को विस्तार से जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक भारत ने यह स्पष्ट किया कि यदि पाकिस्तान की ओर से हालात को और बिगाड़ने की कोशिश की जाती है तो भारत भी जवाब देने को तैयार है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत की गई कार्रवाई के चंद घंटों के भीतर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जर्मनी, जापान, फ्रांस और स्पेन के विदेश मंत्रियों से बात की और उन्हें पाकिस्तान व पीओके स्थित आतंकी ठिकानों पर भारत की जवाबी कार्रवाई के बारे में अवगत कराया।

इसके अलावा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने अमेरिका, चीन, ब्रिटेन, रूस और सऊदी अरब के अपने समकक्षों से बात की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत का मकसद तनाव को बढ़ाना नहीं है, लेकिन यदि पाकिस्तान इस दिशा में कदम उठाता है, तो भारत भी ‘‘दृढ़ और सटीक जवाब’’ देने के लिए तैयार है।

"जवाबदेही तय करना जरूरी, ताकि अगली साजिशों पर लगाम लगे" — भारत ने दी आतंकियों को सख्त चेतावनी

भारत की सैन्य कार्रवाई को लेकर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने साफ कहा कि यह कदम पूरी तरह से "गैर-उकसावे वाली, जिम्मेदार, संतुलित और सटीक प्रतिक्रिया" थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के पास ऐसे ठोस सबूत हैं जो यह दर्शाते हैं कि पहलगाम हमले के पीछे पाकिस्तान का सीधा हाथ था। इन साक्ष्यों में आतंकी समूहों की संचार प्रणाली शामिल है, जो पाकिस्तान के भीतर से संचालित हो रही थी।

उन्होंने बताया कि ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF)’ नामक संगठन, जिसने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी, दरअसल लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का ही एक नकाबपोश संगठन है। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने इस हमले के योजनाकारों और उनके मददगारों की पहचान कर ली है।

"लक्ष्य सिर्फ बदला नहीं, आतंकी ढांचे का खात्मा था"

मिस्री ने कहा, “यह केवल एक जवाबी कार्रवाई नहीं थी। हमारा असली उद्देश्य था – पाकिस्तान की धरती पर मौजूद आतंकी संरचना को तहस-नहस करना और उन आतंकवादियों को खत्म करना जिन्हें भारत में हमले के लिए भेजा जाना था।"

पाकिस्तान की खामोशी और TRF की चालें

हमले के दो हफ्ते बाद भी पाकिस्तान ने न तो कोई जांच शुरू की, न ही पीओके में मौजूद आतंकी गढ़ों के खिलाफ कोई कार्रवाई की। इसके उलट, भारतीय एजेंसियों को स्पष्ट संकेत मिले थे कि आने वाले दिनों में और भी हमलों की योजना बनाई जा रही थी। भारत पहले ही संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध समिति को अवगत करा चुका है कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे बड़े आतंकी संगठन TRF जैसे छोटे मोर्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं — और दिसंबर 2023 में यह जानकारी सार्वजनिक रूप से दी गई थी।

संयुक्त राष्ट्र से TRF का नाम हटाने के पीछे पाक-चीन गठजोड़

मिस्री ने यह भी खुलासा किया कि कैसे पाकिस्तान ने चीन की मदद से 25 अप्रैल को जारी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बयान से TRF का जिक्र हटवाया। उन्होंने कहा कि TRF द्वारा हमले की जिम्मेदारी लेना और फिर लश्कर से जुड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उस दावे को बढ़ावा देना, इस संगठन के पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क से सीधे संबंधों को उजागर करता है।

कश्मीर में शांति भंग करने की कोशिश

सरकार का मानना है कि इस हमले के पीछे मकसद था — जम्मू-कश्मीर में लौट रही सामान्य स्थिति और पर्यटन को पटरी से उतारना। यह प्रयास था राज्य में अशांति फैलाने का, जिससे आर्थिक विकास रुक सके और आतंकी नेटवर्क को फिर से जगह मिल सके। मिस्री ने कहा, "हमले का तरीका जानबूझकर ऐसा चुना गया जिससे देश में सांप्रदायिक तनाव फैल सके, लेकिन सरकार और जनता दोनों ने मिलकर इन कोशिशों को विफल कर दिया।"

FATF और पाकिस्तान की चालबाजियां

विदेश सचिव ने पाकिस्तान की कथनी और करनी के बीच के अंतर को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने FATF को गुमराह करने के लिए मुंबई हमले के वांछित आतंकी साजिद मीर को पहले मृत घोषित किया, लेकिन बाद में अंतरराष्ट्रीय दबाव पड़ने पर उसे जीवित पाया गया और गिरफ़्तार किया गया। मिस्री ने स्पष्ट कहा, “पाकिस्तान आज भी उन आतंकवादियों का गढ़ बना हुआ है जिन्हें दुनिया भर में प्रतिबंधित किया गया है। वहां ये आतंकी न केवल खुलेआम घूमते हैं, बल्कि सरकार की सुरक्षा में पलते हैं।”

राज्य
View More

Shorts see more

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

पिंपल्स और ऑयली स्किन से छुटकारा पाने के आसान और असरदार तरीके

  • पिंपल्स कंट्रोल करें आसान स्टेप्स से
  • साफ और ग्लोइंग स्किन के लिए सही रूटीन अपनाएं
  • हाइड्रेशन और हेल्दी लाइफस्टाइल से स्किन चमकदार बनाएं
read more

ताजा खबरें
View More

बेवफा हसीनाएं! सिया गोयल से सोनम रघुवंशी तक, जब प्रेम संबंधों ने लिया खौफनाक मोड़ और जीवनसाथी बने साजिश का शिकार
बेवफा हसीनाएं! सिया गोयल से सोनम रघुवंशी तक, जब प्रेम संबंधों ने लिया खौफनाक मोड़ और जीवनसाथी बने साजिश का शिकार
भगवान राम पर टिप्पणी से भड़के विष्णु दास, बोले- स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले को देंगे 5 लाख रुपये
भगवान राम पर टिप्पणी से भड़के विष्णु दास, बोले- स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले को देंगे 5 लाख रुपये
क्या तेहरान जाएंगे पीएम मोदी? खामेनेई की अंतिम विदाई में शामिल होने का मिला आमंत्रण
क्या तेहरान जाएंगे पीएम मोदी? खामेनेई की अंतिम विदाई में शामिल होने का मिला आमंत्रण
400 फीट गहरी खाई में केतन को धक्का देने वाली सिया ने कबूला जुर्म, हत्या की वजह भी बताई
400 फीट गहरी खाई में केतन को धक्का देने वाली सिया ने कबूला जुर्म, हत्या की वजह भी बताई
कौन है सिया गोयल? जिसने मंगेतर केतन को 400 फीट गहरी खाई में धक्का दिया, शादी के लिए बुक था 17 करोड़ का महल
कौन है सिया गोयल? जिसने मंगेतर केतन को 400 फीट गहरी खाई में धक्का दिया, शादी के लिए बुक था 17 करोड़ का महल
अश्वथ मारिमुथु की 'धर्मन' से रजनीकांत का दमदार फर्स्ट लुक जारी, डॉक्टर अवतार चर्चा में
अश्वथ मारिमुथु की 'धर्मन' से रजनीकांत का दमदार फर्स्ट लुक जारी, डॉक्टर अवतार चर्चा में
जिस हुडी से पहचान छिपाने की कोशिश की, वही बनी गिरफ्तारी की वजह; सिया के प्रेमी तक ऐसे पहुंची पुलिस
जिस हुडी से पहचान छिपाने की कोशिश की, वही बनी गिरफ्तारी की वजह; सिया के प्रेमी तक ऐसे पहुंची पुलिस
ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा खुलासा, 'मां की रोक-टोक से तंग आ गई थी', आरोपी बेटी श्वेता गिरफ्तार
ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा खुलासा, 'मां की रोक-टोक से तंग आ गई थी', आरोपी बेटी श्वेता गिरफ्तार
मुल्तानी मिट्टी लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान, छोटी सी गलती भी बढ़ा सकती है त्वचा का रूखापन
मुल्तानी मिट्टी लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान, छोटी सी गलती भी बढ़ा सकती है त्वचा का रूखापन
क्या परियों के देश में खो गई बबीता पांडे? 27 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, फिर चर्चा में आई उत्तराखंड की रहस्यमयी लोककथा
क्या परियों के देश में खो गई बबीता पांडे? 27 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, फिर चर्चा में आई उत्तराखंड की रहस्यमयी लोककथा
पद्म भूषण सम्मान के बाद छलका अलका याग्निक का दर्द, सेहत को लेकर साझा किया बड़ा अपडेट, बोलीं- अब भी आसान नहीं है सफर
पद्म भूषण सम्मान के बाद छलका अलका याग्निक का दर्द, सेहत को लेकर साझा किया बड़ा अपडेट, बोलीं- अब भी आसान नहीं है सफर
राम मंदिर में चढ़ावे का विवाद गहराया, 3500 करोड़ की नकदी और आभूषणों का रिकॉर्ड नहीं, 2020 की रिपोर्ट आई चर्चा में
राम मंदिर में चढ़ावे का विवाद गहराया, 3500 करोड़ की नकदी और आभूषणों का रिकॉर्ड नहीं, 2020 की रिपोर्ट आई चर्चा में
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
ग्लैमर से दूर प्रकृति की गोद में पहुंचीं भूमि पेडनेकर, फार्म पर मिला सुकून और अपनापन
ग्लैमर से दूर प्रकृति की गोद में पहुंचीं भूमि पेडनेकर, फार्म पर मिला सुकून और अपनापन