
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत को न्यूक्लियर हब बनाने के लिए अहम कदम उठाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर सेक्टर के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में 20 हजार करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि परमाणु ऊर्जा मिशन के तहत, 2047 तक 100 गीगावॉट न्यूक्लियर एनर्जी का विकास किया जाएगा, जिससे भारत का न्यूक्लियर ऊर्जा क्षेत्र और मजबूत होगा। इसके लिए परमाणु ऊर्जा अधिनियम में संशोधन किया जाएगा, ताकि देश में न्यूक्लियर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके।
इसके अतिरिक्त, वित्त मंत्री ने जहाज निर्माण वित्तीय सहायता योजना को फिर से शुरू करने की भी घोषणा की। सरकार जहाज निर्माण क्षेत्र पर विशेष ध्यान देगी और जहाज निर्माण समूहों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेगी।
वित्त मंत्री का बयान: हमारे सुधारों पर दुनिया का ध्यान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि सरकार का उद्देश्य सबके विकास पर केंद्रित है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था आज दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ रही है। पिछले 10 वर्षों के हमारे विकास ट्रैक रिकॉर्ड और संरचनात्मक सुधारों ने दुनियाभर का ध्यान आकर्षित किया है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि अब दुनिया का भारत की क्षमता और शक्ति में विश्वास बढ़ गया है।
GYAN पर है सरकार का फोकस
निर्मला सीतारमण ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य फोकस 'GYAN' पर है, जिसका अर्थ है - गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में हमने हर क्षेत्र में निरंतर विकास किया है।














