
राजस्थान के बीकानेर में गुरुवार सुबह 7:42 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.8 मापी गई है। भूकंप का केंद्र बीकानेर से 413 किमी उत्तर-पश्चिम उत्तर में 15 किमी की गहराई पर था। इससे पहले बुधवार को भी बीकानेर में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। बुधवार सुबह 5 बजकर 24 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.3 मापी गई थी। जिस वक्त भूकंप आया ज्यादातर लोग घरों में सो रहे थे। भूकंप से अब तक किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है।
An earthquake of magnitude 4.8 on the Richter scale occurred hit Bikaner, Rajasthan at 7:42 am today: National Center for Seismology
— ANI (@ANI) July 22, 2021
बीकानेर के साथ ही कल मेघालय में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। यहां पर रात को करीब 2 बजकर 10 मिनट पर भूकंप आया था। यह भूकंप पश्चिम गारो हिल्स में महसूस किया गया था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.1 दर्ज की गई थी।
इससे पहले गुजरात के राजकोट में सोमवार तड़के 3:37 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.8 रही।
भूगर्भ वैज्ञानिकों के मुताबिक, भूकंप की असली वजह टेक्टोनिकल प्लेटों में तेज हलचल होती है। इसके अलावा उल्का प्रभाव और ज्वालामुखी विस्फोट, माइन टेस्टिंग और न्यूक्लियर टेस्टिंग की वजह से भी भूकंप आते हैं।
रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। इस स्केल पर 2.0 या 3.0 की तीव्रता का भूकंप हल्का होता है, जबकि 6 की तीव्रता का मतलब शक्तिशाली भूकंप होता है।
भूकंप की तीव्रता का अंदाजा उसके केंद्र (एपिसेंटर) से निकलने वाली ऊर्जा की तरंगों से लगाया जाता है। सैकड़ों किलोमीटर तक फैली इस लहर से कंपन होता है।
धरती में दरारें तक पड़ जाती हैं। भूकंप का केंद्र कम गहराई पर हो तो इससे बाहर निकलने वाली ऊर्जा सतह के काफी करीब होती है, जिससे बड़ी तबाही होती है।














