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सुनीता विलियम्स को धरती पर लाने वाला ड्रैगन कैप्सूल: जानें इसकी खासियत, बैठने की क्षमता और कैसे करता है काम

नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स, अपने साथियों के साथ 9 महीने बाद ड्रैगन कैप्सूल से धरती पर लौटेंगी। जानें इसके खास फीचर्स।

Posts by : Kratika Maheshwari | Updated on: Tue, 18 Mar 2025 5:38:11

सुनीता विलियम्स को धरती पर लाने वाला ड्रैगन कैप्सूल: जानें इसकी खासियत, बैठने की क्षमता और कैसे करता है काम

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स, अपने साथियों के साथ बुधवार सुबह धरती पर लौटेंगी। करीब 9 महीनों तक अंतरिक्ष में रहने के बाद, सुनीता विलियम्स की वापसी ड्रैगन कैप्सूल के जरिए होगी। यह कैप्सूल अमेरिकी बिजनेसमैन एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के फॉल्कन-9 रॉकेट द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से पृथ्वी पर लाया जाएगा।

ड्रैगन कैप्सूल में सुनीता विलियम्स, बुच विलमोर और अन्य अंतरिक्ष यात्री बैठकर फ्लोरिडा के तट पर लैंड करेंगे। जानिए, कैसे ड्रैगन कैप्सूल को डिजाइन किया गया है और उसके अंदर का माहौल किस प्रकार का है, जो इन अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी को सुनिश्चित करेगा।

ड्रैगन कैप्सूल: कितना खास है और इसमें कितने एस्ट्रोनॉट बैठ सकते हैं?

आसान शब्दों में कहा जाए तो, ड्रैगन कैप्सूल का मुख्य काम अंतरिक्ष यात्रियों को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक पहुंचाना और वहां से उन्हें धरती पर वापस लाना है। इसे एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने तैयार किया है। ड्रैगन कैप्सूल की टेस्टिंग के लिए एक विशेष प्रोग्राम चलाया गया था, जिसमें अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA और स्पेसएक्स ने मिलकर इसकी टेस्टिंग की थी।

यह कैप्सूल 7 एस्ट्रोनॉट्स को अंतरिक्ष से धरती तक ले जाने और वापस लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ड्रैगन कैप्सूल अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से बहुत अधिक दूरी तक यात्रा कर सकता है और वहां से भारी सामान भी लाने और ले जाने की क्षमता रखता है। इसे कार्गो स्पेसक्राफ्ट के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

6 पैराशूट वाला ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट कैसे काम करता है?


ड्रैगन कैप्सूल पहला प्राइवेट स्पेसक्राफ्ट है जो इंसानों को अंतरिक्ष से धरती पर सुरक्षित रूप से लाता है। इसकी लंबाई 8.1 मीटर है और इसमें 16 इंजिन लगाए गए हैं। अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित लैंडिंग को सुनिश्चित करने के लिए इसमें 6 पैराशूट लगे हुए हैं। 2 पैराशूट इसकी गति को नियंत्रित करते हैं, जबकि 4 पैराशूट लैंडिंग से पहले इसकी गति को कम करने में मदद करते हैं। इस तरह, यह एस्ट्रोनॉट्स की लैंडिंग को पानी में सुरक्षित और आसान बनाता है।

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44 बार स्पेस स्टेशन जा चुका है ड्रैगन कैप्सूल

स्पेसएक्स की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, ड्रैगन कैप्सूल अब तक 44 बार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) तक पहुंच चुका है और इसने कुल 49 मिशन पूरे किए हैं। स्पेसएक्स का दावा है कि इसमें एस्ट्रोनॉट्स की लैंडिंग के लिए सबसे सुरक्षित और विश्वसनीय पैराशूट सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। यह ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की कक्षा, ISS या उससे भी आगे ले जाने की क्षमता रखता है।

ड्रैगन एयरक्राफ्ट में 16 ड्रैको थ्रस्टर्स का उपयोग किया गया है, जो मिशन के दौरान स्पेसक्राफ्ट की दिशा और गति को नियंत्रित करते हैं। प्रत्येक ड्रैको थ्रस्टर अंतरिक्ष में 90 पाउंड का फोर्स उत्पन्न करता है, जिससे मिशन को सफलता पूर्वक पूरा किया जा सकता है।

कहां और कैसे उतरेगा स्पेसक्राफ्ट?

ड्रैगन कैप्सूल को अमेरिका के फ्लोरिडा तट पर पानी में लैंड कराया जाएगा। इसके बाद, एक-एक करके सभी अंतरिक्ष यात्रियों को बाहर निकाला जाएगा। नासा इसकी पूरी लैंडिंग प्रक्रिया का लाइव कवरेज दिखाएगा। लैंडिंग के बाद, सभी अंतरिक्षयात्रियों को नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर भेजा जाएगा, जहां उनकी मेडिकल जांच की जाएगी। इस दौरान उनके शारीरिक और मानसिक बदलावों को समझने का प्रयास किया जाएगा।

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