कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए ज्यादा से ज्यादा वैक्सीनेशन जरूरी हैं। इसे देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को सख्त कदम उठाया जिसके अनुसार कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक न लगवाने वाले कर्मचारियों को 15 सितंबर से अनिवार्य रूप से छुट्टी पर भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के टीकाकरण के विशेष प्रयास किए गए हैं लेकिन जो लोग इससे बचते रहे हैं, उन्हें अब पहली खुराक मिलने तक छुट्टी पर जाने के लिए कहा जाएगा। शुक्रवार को हुई उच्च स्तरीय वर्चुअल कोविड समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि विश्लेषण के आंकड़ों में वैक्सीन की प्रभावशीलता स्पष्ट हुई है।
Punjab government employees failing to take even the first dose of #COVID19 vaccine for any reason other than medical will be compulsorily sent on leave after September 15: Chief Minister's Office (CMO) pic.twitter.com/zREvZWzxG8
— ANI (@ANI) September 10, 2021
किसी भी स्वास्थ्य कारणों की वजह से कोरोना वैक्सीन न लगवाने वाले कर्मचारियों को राहत दी गई है। वहीं बाकी कर्मचारियों को 15 सिंतबर तक वैक्सीन लगवाना होगा। अगर कोई कर्मचारी 15 सितंबर तक वैक्सीन नहीं लगवाता है तो उसे अनिवार्य रूप से छुट्टी पर भेजा जाएगा। यह छुट्टी तब तक जारी रहेगी जब तक वह टीके की पहली खुराक नहीं लगवा लेता। पंजाब के लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह कड़ा कदम उठाया है।