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हलाल सर्टिफिकेशन को लेकर मुख्यमंत्री योगी हुए सख्त, कठोर कार्रवाई के साथ लग सकता है प्रतिबंध

खाद्य और सौंदर्य उत्पादों में जारी होने वाले हलाल प्रमाण पत्र को लेकर फर्जीवाड़े का आरोप लगा है। इसके उत्पादों पर यूपी में प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

Posts by : Rajesh Bhagtani | Updated on: Sat, 18 Nov 2023 5:03:53

हलाल सर्टिफिकेशन को लेकर मुख्यमंत्री योगी हुए सख्त, कठोर कार्रवाई के साथ लग सकता है प्रतिबंध

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हलाल सर्टिफिकेशन से जुड़े प्रोडक्ट्स की बिक्री पर योगी सरकार बैन लगा सकती है। हलाल प्रोडक्ट से जुड़े मामला पिछले कुछ दिनों से चर्चा में हैं। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने इस मामले में संज्ञान लिया है और इस पर एक्शन की तैयारी है। यूपी सरकार हलाल सर्टिफिकेशन मामले में कड़े नियम बनाने की तैयारी में है और यह अवैध धंधे को लेकर लिया जा रहा फैसला माना जा रहा है। प्रदेश में हलाल सर्टिफिकेट देने वाली कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

खाद्य और सौंदर्य उत्पादों में जारी होने वाले हलाल प्रमाण पत्र को लेकर फर्जीवाड़े का आरोप लगा है। इसके उत्पादों पर यूपी में प्रतिबंध लगाया जा सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आशंका है कि कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लेकर हलाल सर्टिफिकेट के नाम पर इकट्ठा हो रही अवैध कमाई से आतंकवादी संगठनों व राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की फन्डिंग की जा रही है। वहीं अब लखनऊ कमिश्नरेट में एफआईआर भी दर्ज की गई है।

हलाल उत्पाद का क्या मतलब है?


हलाल एक अरबी शब्द है जिसका मतलब है अनुमति योग्य। हलाल सर्टिफाइड का मतलब है कि प्रोडक्ट्स इस्लामी कानून के मुताबिक स्वीकार किया गया हो। हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट्स से मुस्लिम उपभोक्ताओं को यह विश्वास हो जाता है कि वे जिन उत्पादों का उपयोग करते हैं वे उनकी संस्कृति और मान्यताओं के अनुरूप हैं।

दुनिया भर में लगभग 2 अरब मुसलमान हैं, जिनमें से लगभग 4 मिलियन लोग अमेरिका में रहते हैं। अमेरिका में बड़े पैमाने पर हलाल सर्टिफाइड प्रोडक्ट्स की बिक्री होती है और यह दुनियाभर में भी पहुंचते हैं। अब हलाल की मांग और ज्यादा बढ़ने लगी है और भारत में भी बड़े पैमाने पर हलाल प्रोडक्ट बेचे जाते हैं।

शैलेंन्द्र शर्मा की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर

शैलेंद्र शर्मा की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के मुताबिक हलाल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई, जमीयत उलेमा हिन्द हलाल ट्रस्ट दिल्ली, हलाल काउंसिल ऑफ इंडिया मुम्बई, जमीयत उलेमा महाराष्ट्र मुम्बई आदि द्वारा एक धर्म विशेष के ग्राहकों को मजहब के नाम से कुछ उत्पादों पर हलाल प्रमाणपत्र प्रदान कर उनकी ब्रिकी बढ़ाने के लिए आर्थिक लाभ लेकर अवैध कारोबार चलाया जा रहा है। इन कंपनियों के पास किसी उत्पाद को प्रमाण पत्र देने का कोई अधिकार नहीं है। उक्त कम्पनियों द्वारा कूटरचित प्रमाण पत्र तैयार कर आर्थिक लाभ लेकर विभिन्न कम्पनियों को हलाल प्रमाण पत्र निर्गत किया जा रहा है। यह सामाजिक विद्वेष बढ़ाने वाला तो है ही जनआस्था के साथ छल है।

शिकायतकर्ता ने इसे बड़ी साजिश की आशंका जताते हुए कहा है कि जिन कम्पनियों ने ऐसा हलाल प्रमाण पत्र इनसे नहीं प्राप्त किया है, उनके उत्पादन की बिक्री को घटाने का प्रयास भी किया जा रहा है, जो कि आपराधिक कृत्य है। आशंका है कि इस अनुचित लाभ को समाज विरोधी/राष्ट्र विरोधी तत्वों को पहुंचाया जा रहा है।

खास बात यह कि शाकाहारी उत्पादों जैसे तेल, साबुन, टूथपेस्ट, मधु आदि की बिक्री के लिए भी हलाल प्रमाण पत्र दिया जा रहा है, जबकि शाकाहारी वस्तुओं पर ऐसे किसी प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होती है। जाहिर है कि एक समुदाय विशेष एवं उनके उत्पादों के विरुद्ध आपराधिक षडयन्त्र किया जा रहा है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि मजहब की आड़ लेकर एक वर्ग विशेष में अनर्गल प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है कि ऐसे उत्पाद का प्रयोग न करें, जिसे इनकी कम्पनी द्वारा हलाल प्रमाणपत्र न दिया गया हो। परिणाम स्वरूप दूसरे समुदाय विशेष के व्यावसायिक हितों का नुकसान हो रहा है। इस प्रकार आम नागरिकों के लिये उपयोग होने वाली वस्तुओं पर भी हलाल प्रमाण पत्र जारी कर अनुचित आर्थिक लाभ कमाने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है।

उपरोक्त कम्पनियों द्वारा ऐसा न केवल आर्थिक लाभ के लिए बल्कि समाज में वर्ग विद्वेष फैलानें, आम जन मानस मे विभेद कराकर देश को कमजोर करने के लिए पूर्व सुनियोजित योजना के अनुसार किया जा रहा है। जिसमे उक्त कम्पनियों के मालिक प्रबन्धक के अलावा अन्य तमाम लोगो की भी एक आपराधिक षडयंत्र के तहत सहभागिता है तथा इसमें राष्ट्र विरोधी षड्यंत्र करने वाले व देश को कमजोर करने वाले अन्य तमाम लोग भी शामिल है।

शिकायतकर्ता ने उक्त लोगों द्वारा करोड़ों रुपये का अनुचित लाभ भी कमा कर उससे आतंकवादी संगठनों व राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की फन्डिंग किये जाने की आशंका भी जताई है। बता दें कि खान-पान के उत्पादों की गुणवत्ता आदि के प्रमाण पत्र के लिए एफएसएसएआई व आईएसआई जैसी संस्थाओं को अधिकृत किया गया है।मुस्लिम धर्म के अनुसार हलाल का मतलब जायज होता है। खाद्य व सौंदर्य उत्पाद पर हलाल के प्रमाण पत्र का मतलब ये है कि ये उत्पाद जायज है। इसमें मुस्लिम लोगो के लिए जो हराम चीजे हैं वो इसमें नहीं है।

क्यों मुद्दा बन रहा है यह मुद्दा?

प्रदेश में हलाल सर्टिफिकेट देने वाली कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सीएम इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और पुलिस से बड़ी कार्रवाई करने को कह रहे हैं। अब बताया जा रहा है कि हलाल सर्टिफिकेशन से जुड़े उत्पादों पर प्रतिबंध लग सकता है। इससे पहले वंदे भारत एक्सप्रेस में हलाल चाय से जुड़ा एक मामला सामने आया था जहां कुछ यात्रियों ने सवाल उठाया था कि उत्पाद अगर वेज है तो इसे क्यों हलाल सर्टिफिकेट के साथ बेचा जा रहा है, अगर यह सिर्फ मुसलमानों के लिए जरूरी है तो क्यों दूसरे धर्मों के लोग इसे लेकर बाध्य हों।

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