उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने व्यापारियों से जुड़े मुद्दे पर सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, "भाजपा ने नारों में कहा था 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस', लेकिन आज 'ईज ऑफ डूइंग करप्शन', 'ईज ऑफ डूइंग क्राइम', 'ईज ऑफ डूइंग इंसल्ट', और 'ईज ऑफ डूइंग कमीशन' हो गया है। इस सरकार ने कारोबार को रोक दिया है और अपने करीबियों को लाभ पहुंचाने के चक्कर में न सिर्फ प्रदेश बल्कि पूरे देश का व्यापार और उद्योग भी ठप कर दिया है।"
योगी आदित्यनाथ द्वारा मीट के दुकानों और अखण्ड रामायण के पाठ पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा, "आज इन्वेस्टमेंट जमीन पर नहीं आया, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने इन्वेस्टमेंट को चैनलों को दे दिया है। कोविड के बाद से वेतन भी नहीं बढ़ा है। आज की प्रमुख समस्याएं महंगी बिजली, कारोबार में गिरावट और रोजगार की कमी हैं। सरकार ने 40 लाख करोड़ के एएमयू (अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी) के विकास का सपना दिखाया था, लेकिन क्या इसमें कोई पारदर्शिता है? सरकार केवल 'जीरो टॉलरेंस' की बातें करती है, पर पारदर्शिता कहां है?"
सपा प्रमुख ने यह भी कहा, "सरकार की मंशा यह है कि बुनियादी सवालों को न उठाया जाए, इसलिए धार्मिक मुद्दे उठाए जाते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि कोई भी कपड़े पहनने से योगी नहीं बन जाता है।"
अखिलेश यादव ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी कई बार झूठ बोलती है, लेकिन मैं आज यह बता सकता हूं कि कैमरे कभी नहीं बदलते। आप देखिए, जिस तरह महाराष्ट्र में हुआ, आखिरी वक्त तक यह बताया गया कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा, लेकिन जो कभी मुख्यमंत्री नहीं बन पाए, उनसे पूछिए कि उनके दिल पर क्या गुजर रही होगी। मध्य प्रदेश में जिस नेता की वजह से सरकार आई, उनकी महिला योजनाओं की वजह से वहां सत्ता हासिल हुई, उन्हीं को बीजेपी ने मुख्यमंत्री नहीं बनाया। उनके दिल पर हाथ रखकर कोई पूछे, क्या उन्हें दिल्ली की सरकार अच्छी लग रही है या वह जो मुख्यमंत्री थे, वह ज्यादा अच्छे लगते थे। हम लोग नीतीश जी को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे, लेकिन बीजेपी उन्हें मुख्यमंत्री भी नहीं बनने देगी।"
पीएम मोदी के नागपुर जाने पर अखिलेश यादव ने कहा, "सबसे ज्यादा खुशी अगर कहीं मिलती है, तो वह घर पहुंच कर मिलती है। यह है सौगात ए मोदी।" सड़क पर नमाज न पढ़ने पर उन्होंने कहा, "कोई सवाल बजट के ऊपर मत पूछिए, समाज में भाईचारा कैसे बढ़े, यह देखिए।"