न्यूज़
Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

नए लॉ ग्रेजुएट्स के लिए सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, अब सीधे जज बनना हुआ मुश्किल

सुप्रीम कोर्ट ने नए लॉ ग्रेजुएट्स के लिए बड़ा फैसला सुनाया है, अब सीधे सिविल जज बनने के लिए कम से कम 3 साल की कानूनी प्रैक्टिस अनिवार्य होगी। जानिए इस फैसले का पूरा असर और न्यायिक भर्ती प्रक्रिया में आए बदलाव।

Posts by : Kratika Maheshwari | Updated on: Tue, 20 May 2025 2:03:50

नए लॉ ग्रेजुएट्स के लिए सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, अब सीधे जज बनना हुआ मुश्किल

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक अहम फैसला सुनाया है जिसमें सिविल जज कैडर में सीधे प्रवेश के लिए कम से कम 3 साल की कानूनी प्रैक्टिस को अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि अब नई लॉ डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र बिना किसी व्यावहारिक कानूनी अनुभव के सीधे न्यायिक सेवा परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने न्यायिक भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से नया रूप दे दिया है और देश भर के हजारों लॉ ग्रेजुएट्स की उम्मीदों पर बड़ा असर डाला है।

इस फैसले से पहले सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने कहा था कि मामले में विचार के लिए कुल आठ महत्वपूर्ण मुद्दे निर्धारित किए गए हैं। पहला यह कि आरक्षण के तहत 10 प्रतिशत कोटा को 2022 के फैसले के अनुसार मूल 25 प्रतिशत कोटा पर बहाल किया जाना चाहिए। दूसरा, न्यायिक सेवा परीक्षा में भाग लेने के लिए न्यूनतम योग्यता के तौर पर 3 साल की सेवा या प्रैक्टिस आवश्यक है। तीसरा और चौथा मुद्दा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के लिए मेधावी उम्मीदवारों के लिए 10 प्रतिशत कोटा के बारे में था।

साथ ही, उन्होंने पाँचवा मुद्दा भी उठाया कि उपयुक्तता परीक्षण के लिए कोई सीधा-सरल फार्मूला निर्धारित नहीं किया जा सकता है, बल्कि विभिन्न परिस्थितियों और कारकों को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाना चाहिए। छठा मुद्दा यह था कि न्यायिक सेवा परीक्षा में शामिल होने के लिए न्यूनतम कानूनी प्रैक्टिस की अवधि को बहाल किया जाए और इसका हिसाब नामांकन की तारीख से किया जाना चाहिए।

सीजेआई ने यह भी स्पष्ट किया कि नए विधि स्नातकों को सीधे नियुक्त करने से कई समस्याएं उत्पन्न हुई हैं, जैसा कि विभिन्न हाईकोर्ट के हलफनामों से भी स्पष्ट होता है। इस संदर्भ में यह बात सहमति बनी है कि न्यायालय के साथ काम करने का व्यावहारिक अनुभव अत्यंत आवश्यक है। सभी उच्च न्यायालय इस बात से सहमत हैं कि न्यूनतम प्रैक्टिस की आवश्यकता न्यायिक सेवा के लिए आवश्यक है।

उन्होंने यह भी बताया कि जज बनने के बाद उन्हें जीवन, स्वतंत्रता, संपत्ति आदि से जुड़े जटिल मामलों का सामना करना पड़ता है, जिसका समाधान केवल किताबों के ज्ञान से नहीं हो सकता। इसके लिए वरिष्ठ जजों का मार्गदर्शन और न्यायालय की कार्यप्रणाली की समझ भी जरूरी होती है। इसलिए यह आवश्यक है कि न्यायिक सेवा परीक्षा में शामिल होने से पहले उम्मीदवार के पास व्यावहारिक अनुभव हो। इसीलिए अनुभव की गणना अंतिम पंजीकरण के समय से की जाएगी, क्योंकि AIBE जैसी परीक्षाएं विभिन्न समयों पर आयोजित होती हैं। यह भी जरूरी है कि दस वर्षों से वकालत कर रहे वकील यह प्रमाणित करें कि उम्मीदवार ने न्यूनतम आवश्यक अवधि की कानूनी प्रैक्टिस पूरी की है।

इस फैसले के बाद अब नए लॉ ग्रेजुएट्स के लिए सीधे जज बनने का रास्ता कठिन हो गया है और उन्हें कम से कम तीन साल का कानूनी अभ्यास पूरा करना होगा, जिससे न्यायपालिका में अनुभव के साथ बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

राज्य
View More

Shorts see more

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

रोज़ सुबह पिएं सूखे आंवले और जीरे का पानी, शरीर में होंगे ये 6 चमत्कारी बदलाव!

  • आंवला-जीरा पानी पाचन और इम्यूनिटी बढ़ाता है
  • आंवला में विटामिन C होता है
  • जीरे में आयरन और कैल्शियम है
read more

ताजा खबरें
View More

कैप्टन अमरिंदर सिंह बोले- भाजपा में चार साल में कुछ नहीं मिला, कांग्रेस में वापसी की भी उम्मीद नहीं
कैप्टन अमरिंदर सिंह बोले- भाजपा में चार साल में कुछ नहीं मिला, कांग्रेस में वापसी की भी उम्मीद नहीं
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर कांग्रेस का देशभर में प्रदर्शन, दिल्ली से पटना तक मार्च
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर कांग्रेस का देशभर में प्रदर्शन, दिल्ली से पटना तक मार्च
एशियन गेम्स: शूटिंग में भारत ने जीते गोल्ड और सिल्वर, राष्ट्रपति मुर्मु और खेल मंत्री मांडविया ने दी बधाई
एशियन गेम्स: शूटिंग में भारत ने जीते गोल्ड और सिल्वर, राष्ट्रपति मुर्मु और खेल मंत्री मांडविया ने दी बधाई
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर राहुल गांधी और अभिजीत दीपके की मांग एक जैसी, क्या अब साथ आएंगे दोनों?
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर राहुल गांधी और अभिजीत दीपके की मांग एक जैसी, क्या अब साथ आएंगे दोनों?
बैंक हड़ताल के बीच SBI ग्राहकों को राहत, 28-30 सितंबर तक ATM शुल्क माफ
बैंक हड़ताल के बीच SBI ग्राहकों को राहत, 28-30 सितंबर तक ATM शुल्क माफ
किशनगंज रेलवे स्टेशन पर लड़की से मारपीट और बदसलूकी, दूसरी जाति के लड़के से रिश्ते पर युवकों ने किया सवाल
किशनगंज रेलवे स्टेशन पर लड़की से मारपीट और बदसलूकी, दूसरी जाति के लड़के से रिश्ते पर युवकों ने किया सवाल
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची PIL, SIR के दौरान लिए गए फैसलों को रद्द करने और 13 करोड़ नामों की जांच की मांग
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची PIL, SIR के दौरान लिए गए फैसलों को रद्द करने और 13 करोड़ नामों की जांच की मांग
Redmi 17C 5G की भारत में लॉन्च डेट कंफर्म, 1 अक्टूबर को होगी एंट्री; 6000mAh बैटरी समेत मिलेंगे ये फीचर्स
Redmi 17C 5G की भारत में लॉन्च डेट कंफर्म, 1 अक्टूबर को होगी एंट्री; 6000mAh बैटरी समेत मिलेंगे ये फीचर्स
आखिरी वक्त तक काम करते रहे मुश्ताक खान, बेटे मोहसिन ने बताया कैसे बीते उनके अंतिम 10 दिन
आखिरी वक्त तक काम करते रहे मुश्ताक खान, बेटे मोहसिन ने बताया कैसे बीते उनके अंतिम 10 दिन
मंदार पर्वत छेड़छाड़ मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश; पीड़िता के दोस्त से 1500 रुपये भी ट्रांसफर कराए थे
मंदार पर्वत छेड़छाड़ मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश; पीड़िता के दोस्त से 1500 रुपये भी ट्रांसफर कराए थे
अभिजीत दीपके ने चुनावी रणनीति पर विपक्ष को घेरा, बोले- ‘रिग्ड’ चुनाव मानते हैं तो फिर कब तक ऐसे सिस्टम में टिके रहेंगे?
अभिजीत दीपके ने चुनावी रणनीति पर विपक्ष को घेरा, बोले- ‘रिग्ड’ चुनाव मानते हैं तो फिर कब तक ऐसे सिस्टम में टिके रहेंगे?
अक्षय कुमार के बेटे आरव का बर्थडे लुक छाया, येलो-पिंक कोट और स्कार्फ में दिखा अलग अंदाज
अक्षय कुमार के बेटे आरव का बर्थडे लुक छाया, येलो-पिंक कोट और स्कार्फ में दिखा अलग अंदाज
मुश्ताक खान की जिंदगी का वो खौफनाक किस्सा, 12 घंटे बंधक रहे, मांगी गई थी 1 करोड़ की फिरौती; अजान सुनकर बचाई जान
मुश्ताक खान की जिंदगी का वो खौफनाक किस्सा, 12 घंटे बंधक रहे, मांगी गई थी 1 करोड़ की फिरौती; अजान सुनकर बचाई जान
कोमल रानी संग अफेयर की खबरों पर भड़के गोविंदा? बोले- मेरी निजी जिंदगी को तमाशा न बनाएं
कोमल रानी संग अफेयर की खबरों पर भड़के गोविंदा? बोले- मेरी निजी जिंदगी को तमाशा न बनाएं