कर्नाटक के हावेरी जिले के हनागल गैंगरेप मामले में जमानत पर रिहा हुए 7 आरोपियों ने जेल से बाहर आते ही सड़क पर विजय जुलूस निकाला। यह जुलूस हावेरी उप-जेल से शुरू हुआ और लगभग 5 वाहनों व 20 से अधिक लोगों के काफिले के साथ शहर में घूमता रहा। इस दौरान आरोपी हँसते और विक्ट्री साइन (विजय चिन्ह) दिखाते नजर आए। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर लोगों में भारी आक्रोश है और हर ओर इसकी तीखी आलोचना हो रही है।
जिन्हें कोर्ट से मिली जमानत
हावेरी सेशन कोर्ट ने जिन सात आरोपियों को जमानत दी, उनमें आफताब चंदनकट्टी, मदार साब मंडक्की, समीवुल्ला लालनवर, मोहम्मद सादिक अगासिमानी, शोएब मुल्ला, तौसीप छोटी और रियाज साविकेरी शामिल हैं। अदालत ने यह फैसला इसलिए सुनाया क्योंकि पीड़िता आरोपियों की अदालत में पहचान नहीं कर सकी। इसके बाद सभी आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
रिहाई के बाद विजय जुलूस, जनता में उबाल
2024 में हनागल में हुए इस बहुचर्चित गैंगरेप केस के आरोपियों की जमानत और फिर विजय जुलूस ने हावेरी जिले में जनाक्रोश को जन्म दे दिया है। रिहाई के बाद सभी आरोपी बाइक और कारों के साथ अक्की आलूर में रोड शो करते नजर आए। सोशल मीडिया पर इस वीडियो के सामने आते ही लोग जमकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। यह घटना महिला सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
The court has decided to let go of Rapist so that they can rape more and again let go, well you can guess the state and who is ruling
let me tell you it's Karnataka and congress.
"Kha hai wo kha gayi kya pehna tha gang"#BhoolChukMaaf
क्या है पूरा मामला?
यह मामला करीब 16 महीने पुराना है। पुलिस के मुताबिक, कर्नाटक के हावेरी जिले में एक होटल के कमरे में ठहरे एक अंतरधार्मिक प्रेमी जोड़े पर कुछ लोगों ने अचानक हमला किया था। आरोप है कि आरोपी महिला को जबरन घसीटते हुए पास के जंगल में ले गए और उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। इस वीभत्स घटना के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब इस मामले में सभी आरोपी जमानत पर रिहा हो चुके हैं।














