
कोलकाता से सामने आए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। इस बार के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 206 सीटों पर कब्जा जमाया है, जबकि लंबे समय से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस मात्र 80 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस को 2 सीटें मिली हैं, वहीं AJUP ने भी 2 सीटों पर जीत दर्ज की है। वामपंथी दल CPI(M) को केवल एक सीट से संतोष करना पड़ा है। इस परिणाम ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है और नई बहस को जन्म दे दिया है।
राहुल गांधी का तीखा बयान
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि असम और पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान अनियमितताएं देखने को मिलीं और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने कहा कि बंगाल में 100 से अधिक सीटें प्रभावित हुई हैं और इस तरह की रणनीति पहले भी कई राज्यों में देखी जा चुकी है, जैसे मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और लोकसभा चुनाव 2024। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया और कहा कि “चुनाव और संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।”
अखिलेश यादव ने जताई कड़ी नाराजगी
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी चुनाव नतीजों और प्रक्रिया को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि हर संदिग्ध जीत की एक सीमित अवधि होती है और अंततः सच्चाई सामने आती है।
अपने बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष की राजनीति लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रही है और यह समय भारतीय राजनीतिक इतिहास के सबसे चिंताजनक दौरों में से एक है। उन्होंने दावा किया कि मतगणना के दौरान केंद्रीय बलों के कथित दुरुपयोग की खबरें सामने आई हैं, जो गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि इसी तरह की घटनाएं पहले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भी देखने को मिली थीं, खासकर कन्नौज में, और बाद में लोकसभा चुनाव 2024 में फर्रुखाबाद में भी ऐसे ही आरोप सामने आए थे। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय स्थिति बताया।
अरविंद केजरीवाल का सवाल
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी चुनाव परिणामों पर टिप्पणी करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भाजपा तब भी चुनाव जीतने में असफल रही जब देश में ‘मोदी लहर’ अपने चरम पर थी।
उन्होंने 2015 के दिल्ली चुनाव और 2016 के बंगाल चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भाजपा को केवल 3-3 सीटें ही मिल सकीं। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि आखिर वही पार्टी अब इन राज्यों में जीत कैसे दर्ज कर रही है, जबकि अन्य क्षेत्रों में राजनीतिक स्थिति अलग दिखाई दे रही है।
चुनाव प्रक्रिया और समयरेखा
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में संपन्न हुए थे। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को कराया गया था। इसके बाद 4 मई को पूरे राज्य के परिणाम घोषित किए गए, जिनमें बीजेपी की भारी जीत और TMC की बड़ी हार सामने आई।














