
लगातार दो सत्रों की मजबूत बढ़त के बाद शुक्रवार को शेयर बाजार में रुख पूरी तरह बदल गया। शुरुआती कारोबार में हल्की कमजोरी के संकेत मिले थे, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, बिकवाली का दबाव तेज होता चला गया। नतीजतन, दिन के अंत तक बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई और निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
कारोबार के अंत में BSE Sensex करीब 1,690 अंक गिरकर 73,583 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 486 अंक टूटकर 22,819 पर आ गया। इस गिरावट ने बाजार की दिशा को एकदम बदल दिया और निवेशकों का भरोसा भी डगमगा गया।
ज्यादातर सेक्टरों में दिखी कमजोरी
शुक्रवार के कारोबारी सत्र में लगभग सभी सेक्टर दबाव में नजर आए। खासतौर पर PSU बैंक और रियल्टी शेयरों में 3% से अधिक की गिरावट देखने को मिली, जिससे इन सेक्टरों में निवेश करने वाले निवेशकों को बड़ा झटका लगा।
इसके अलावा ऑटो, प्राइवेट बैंक, कैपिटल गुड्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे प्रमुख सेक्टर भी करीब 2% तक फिसल गए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का असर साफ दिखा—मिडकैप इंडेक्स लगभग 2.2% और स्मॉलकैप करीब 1.7% तक नीचे आ गया।
मुनाफावसूली बनी गिरावट की मुख्य वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले दो दिनों में बाजार में लगभग 3.5% की तेजी आई थी, जिसके बाद निवेशकों ने अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए बिकवाली शुरू कर दी।
इस प्रॉफिट बुकिंग का असर बड़े और मिडकैप दोनों तरह के शेयरों पर पड़ा, जिससे बाजार में व्यापक गिरावट देखने को मिली। कई दिग्गज शेयरों में भी दबाव बढ़ गया, जिसने इंडेक्स को नीचे खींचने में अहम भूमिका निभाई।
वैश्विक संकेतों ने बढ़ाई चिंता
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी माहौल अनुकूल नहीं रहा। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता को बढ़ा दिया है।
वैश्विक बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने भी भारतीय शेयर बाजार पर नकारात्मक असर डाला। इन बाहरी कारकों के चलते निवेशकों का रुझान सतर्क बना रहा और बिकवाली का दबाव बढ़ता गया।
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बनी परेशानी
कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के ऊपर बनी रहने से बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है। महंगे तेल का सीधा असर महंगाई पर पड़ता है, जिससे कंपनियों की लागत बढ़ती है और उनके मुनाफे पर असर पड़ता है।
इसी वजह से निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं और बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा बाजार?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। जब तक वैश्विक हालात स्थिर नहीं होते और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी नहीं आती, तब तक निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
हालांकि, यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में सुधार होता है, तो बाजार एक बार फिर से रिकवरी दिखा सकता है और तेजी की राह पकड़ सकता है।













