
भारतीय रिज़र्व बैंक ने आम लोगों और छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए मौद्रिक नीति में कई अहम फैसले लिए हैं। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को पॉलिसी का ऐलान करते हुए साफ किया कि इस बार केंद्रीय बैंक का जोर दो मोर्चों पर है—डिजिटल बैंकिंग को ज्यादा सुरक्षित बनाना और MSME सेक्टर को आसान फंडिंग उपलब्ध कराना। इस नीति में ऐसे कई बदलाव किए गए हैं, जिनका सीधा असर आपकी जेब, सुरक्षा और कारोबार पर पड़ेगा। आइए, इन फैसलों की विस्तार से जानकारी लेते हैं।
डिजिटल फ्रॉड पर अब ₹25,000 तक की भरपाई
ऑनलाइन ठगी का शिकार होने वाले बैंक ग्राहकों के लिए RBI ने एक अहम कदम उठाया है। नए प्रस्तावित फ्रेमवर्क के तहत अगर किसी ग्राहक के साथ छोटे मूल्य का डिजिटल फ्रॉड होता है, तो उसे ₹25,000 तक का मुआवजा मिल सकेगा। इसके लिए RBI जल्द ही विस्तृत गाइडलाइंस जारी करेगा। इसके साथ ही बुजुर्ग नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन जैसे नए सुरक्षा फीचर्स लागू किए जाएंगे, ताकि उन्हें साइबर ठगी से बेहतर तरीके से बचाया जा सके। यह फैसला डिजिटल बैंकिंग पर लोगों का भरोसा मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
MSME को बिना गारंटी मिलेगा ज्यादा लोन
छोटे और मझोले कारोबारियों के लिए RBI ने लोन से जुड़ी सबसे बड़ी राहत दी है। अब बिना किसी गारंटी के मिलने वाले लोन की सीमा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख कर दी गई है। इसका मतलब यह है कि MSME सेक्टर से जुड़े उद्यमियों को अब जमीन या गहने गिरवी रखे बिना पहले से दोगुनी रकम मिल सकेगी। इससे न सिर्फ कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि बैंकिंग प्रक्रिया भी पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी।
EMI पर नहीं पड़ेगा कोई नया बोझ
इस मौद्रिक नीति में RBI ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 5.25% पर स्थिर रखा गया है। इसका सीधा फायदा लोन लेने वालों को मिलेगा। होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की EMI फिलहाल न तो बढ़ेगी और न ही उस पर कोई अतिरिक्त दबाव आएगा। RBI का मानना है कि मौजूदा हालात में अर्थव्यवस्था को संतुलन में रखना ज्यादा जरूरी है।
महंगाई को लेकर क्या है तस्वीर?
महंगाई को लेकर भी RBI ने राहत भरी तस्वीर पेश की है। 2025-26 के लिए औसत महंगाई दर 2.1% रहने का अनुमान जताया गया है। हालांकि गवर्नर ने यह भी संकेत दिया कि जनवरी से मार्च 2026 के बीच महंगाई थोड़ी बढ़कर 3.2% तक जा सकती है।
यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से बेस इफेक्ट की वजह से मानी जा रही है, न कि किसी बड़ी आपूर्ति समस्या के कारण। फिलहाल अनाज और सब्जियों की सप्लाई मजबूत बनी हुई है, जिससे घरेलू बजट पर ज्यादा दबाव पड़ने की आशंका नहीं है।
GDP और अर्थव्यवस्था की रफ्तार
भारत की आर्थिक ग्रोथ को लेकर RBI का रुख काफी सकारात्मक है। 2026-27 की पहली छमाही के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7% कर दिया गया है। मजबूत कंजम्पशन, सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता खर्च और कृषि क्षेत्र का अच्छा प्रदर्शन देश की अर्थव्यवस्था को तेज गति दे रहा है। यही वजह है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है।
अन्य अहम घोषणाएं भी आईं सामने
RBI की इस नीति में कुछ और महत्वपूर्ण फैसले भी शामिल हैं। अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों के लिए ‘मिशन सक्षम’ लॉन्च किया जाएगा, जिसके तहत करीब 1.4 लाख बैंक कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा 1000 करोड़ रुपये से कम एसेट वाली NBFCs को रजिस्ट्रेशन और नई शाखाएं खोलने के नियमों में राहत दी गई है। वहीं अब बैंक REITs यानी रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट्स को भी लोन दे सकेंगे, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।













