
भारत की सेमी-हाईस्पीड वंदे भारत ट्रेनों को भारतीय रेलवे की आधुनिक पहचान के रूप में देखा जाता है। तेज रफ्तार, उन्नत तकनीक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस ये ट्रेनें देश के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का अनुभव बदल रही हैं। ऐसे में राजस्थान से जुड़ी एक खबर ने यात्रियों को चौंका दिया है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने दो वंदे भारत ट्रेनों के संचालन पर रोक लगाने का निर्णय लिया है, जिससे नियमित सफर करने वाले यात्रियों के बीच असमंजस और चर्चा का माहौल बन गया है।
रेलवे प्रशासन के मुताबिक, ट्रेन संख्या 20981/82 उदयपुर सिटी–आगरा कैंट–उदयपुर सिटी वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन 15 फरवरी 2026 से बंद कर दिया जाएगा। इसके अलावा ट्रेन संख्या 20979/80 उदयपुर सिटी–जयपुर–उदयपुर सिटी वंदे भारत एक्सप्रेस 14 फरवरी 2026 से पटरियों पर नहीं दौड़ेगी। इन दोनों सेवाओं के ठप होने से खास तौर पर राजस्थान के यात्रियों को झटका लगा है, जो कम समय में आरामदायक यात्रा के लिए वंदे भारत को पहली पसंद मानते थे।
हालांकि रेलवे की ओर से इस निर्णय के पीछे का विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में संकेत मिल रहे हैं कि इन रूट्स पर अपेक्षित यात्री संख्या नहीं मिल पा रही थी। कुछ जानकारों का मानना है कि परिचालन खर्च और कम ऑक्यूपेंसी दर भी इस फैसले की अहम वजह हो सकती है। साथ ही रूट पुनर्गठन या भविष्य में किसी अन्य सेक्शन में इन ट्रेनों के उपयोग की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है, हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
जहां एक ओर दो सेवाओं पर विराम लगा है, वहीं दूसरी ओर एक नई वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी भी दी गई है। उदयपुर सिटी और असारवा (अहमदाबाद) के बीच शुरू की जा रही यह नई सेवा राजस्थान और गुजरात के बीच संपर्क को और मजबूत करेगी। ट्रेन संख्या 26963 उदयपुर से सुबह 6:10 बजे प्रस्थान कर 10:25 बजे असारवा पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 26964 शाम 5:45 बजे असारवा से रवाना होकर रात 10:00 बजे उदयपुर सिटी पहुंचेगी। यह ट्रेन मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन संचालित होगी, जिससे दोनों राज्यों के यात्रियों को नई सुविधा मिलेगी।
वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार लगातार जारी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, फरवरी 2019 में पहली सेवा की शुरुआत के बाद अब देशभर में 82 रूट्स पर 164 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं। इन ट्रेनों में आधुनिक सस्पेंशन सिस्टम, सेमी-हाईस्पीड क्षमता, ऑटोमैटिक प्लग डोर, आरामदायक एर्गोनॉमिक सीटें, मिनी पैंट्री, सीसीटीवी निगरानी और स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
ऐसे में दो ट्रेनों के बंद होने का फैसला भले ही अस्थायी या रणनीतिक कदम हो, लेकिन इससे यह स्पष्ट है कि रेलवे समय-समय पर यात्री मांग और परिचालन संतुलन को ध्यान में रखते हुए अपने नेटवर्क में बदलाव करता रहता है। अब यात्रियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भविष्य में इन रूट्स पर वंदे भारत की वापसी होगी या कोई नई योजना आकार लेगी।













