कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बुधवार को हुई बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर तीखी राजनीतिक टिप्पणी की। बैठक के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजनीतिक दौर समाप्ति की ओर है और उनके उत्तराधिकारी को लेकर तलाश शुरू हो गई है। यह जानकारी टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से दी है।
दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में हुई बैठक में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को राजनीतिक रूप से कमजोर बताते हुए पार्टी नेताओं से सरकार के खिलाफ ज्यादा आक्रामक रुख अपनाने की अपील की।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने CWC बैठक में कहा कि नरेंद्र मोदी का राजनीतिक अंत हो चुका है और उनका शासन अब अंतिम चरण में है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मोदी के बाद नेतृत्व को लेकर विकल्प तलाशे जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने बैठक में केंद्र सरकार को “पूरी तरह बैकफुट पर” बताते हुए कांग्रेस नेताओं से सरकार की नीतियों और फैसलों के खिलाफ और मजबूती से आवाज उठाने को कहा। उनके ये बयान कांग्रेस की आंतरिक बैठक के दौरान दिए गए, जहां पार्टी की आगे की राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा हुई।
खरगे ने सरकार पर साधा निशाना
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बीते 12 वर्षों में सरकार की नीतियों के कारण युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
खरगे ने दावा किया कि हाल के वर्षों में करीब 94,000 स्कूल बंद हुए हैं। उन्होंने युवाओं के लिए एक स्पष्ट और समयबद्ध ‘शिक्षा से रोजगार रोडमैप’ तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उनके अनुसार, शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर युवाओं के लिए ठोस योजना तैयार करना जरूरी है।
राम मंदिर ट्रस्ट के दान का मुद्दा भी उठा
CWC बैठक के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट को मिले चंदे, सोने और अन्य दान का मुद्दा भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उठाया। उन्होंने कहा कि लोगों को यह जानने का अधिकार है कि ट्रस्ट को मिले दान का हिसाब किस तरह रखा जा रहा है और इन संसाधनों का उपयोग कैसे किया जा रहा है।
खरगे ने दान से जुड़े वित्तीय मामलों में किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर उचित जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
CWC बैठक में वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
कांग्रेस की इस महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और पार्टी की आगे की रणनीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
राहुल गांधी और खरगे की टिप्पणियों के जरिए कांग्रेस ने बैठक में केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमला तेज करने का संकेत दिया। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक भविष्य और उनके उत्तराधिकारी को लेकर राहुल गांधी का बयान एक राजनीतिक दावा है।














