
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब में भाषण दिया। भाषण के दौरान विपक्षी सांसद लगातार हंगामा कर रहे थे। जैसे ही पीएम मोदी बोलने लगे, विपक्ष ने विरोध शुरू कर दिया। इस पर उन्होंने अध्यक्ष से कहा, “खरगे जी को बैठकर बोलने की अनुमति दीजिए।” हल्के अंदाज में विपक्ष पर तंज कसते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जो लोग थक चुके हैं या चले गए हैं, उन्हें भी कभी न कभी यह जवाब देना होगा कि देश की ऐसी स्थिति थी कि कोई भी देश भारत के साथ डील करने के लिए तैयार नहीं था। दुनिया अपने आप भारत के साथ डील नहीं कर रही थी।”
प्रधानमंत्री की शुरुआत:
“आदरणीय सभापति महोदय, मैं राष्ट्रपति के अभिभाषण पर आभार व्यक्त करने के लिए उपस्थित हूं। पिछले वर्ष भारत के विकास के कई नए कीर्तिमान बने हैं। समाज के हर वर्ग के जीवन में यह बदलाव का समय रहा है। देश सही दिशा में तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति ने पूरे संवेदनशीलता के साथ यह विषय हमारे सामने रखा है।”
विपक्ष की नारेबाजी पर पीएम मोदी की प्रतिक्रिया:
भाषण के दौरान विपक्ष लगातार नारेबाजी कर रहा था। इस पर पीएम मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर व्यंग्य करते हुए कहा, “खरगे जी अपनी उम्र को देखते हुए बैठकर भी नारे लगा सकते हैं, इससे उन्हें कोई असुविधा नहीं होगी।”
भारत की विकास यात्रा:
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब न रुकने वाला है, न पीछे मुड़कर देखने वाला। लक्ष्य पूरा होने तक देश रुकने नहीं देगा। पिछले वर्ष देश के लिए तेजी से विकास के साल रहे हैं। जीवन के हर क्षेत्र में और समाज के हर वर्ग में बदलाव के संकेत दिखाई दिए। देश सही दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।
वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति:
पीएम मोदी ने कहा कि विश्व अब भारत की प्रतिभा और युवा क्षमता को समझ रहा है। हमारे युवा सपनों और सामर्थ्य के साथ पूरी दुनिया को समाधान दे रहे हैं। आज भारत मेजर इकोनॉमी में तेजी से ग्रोथ कर रहा है और हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूती इसे प्रमाणित करती है। चाहे विज्ञान हो, अंतरिक्ष क्षेत्र हो या खेल—हर क्षेत्र में भारत आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। कोविड के बाद उत्पन्न वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत ने मजबूत स्थिति हासिल की है। यह साफ़ दिखता है कि दुनिया अब नए ग्लोबल वर्ल्ड ऑर्डर की दिशा में बढ़ रही है।
वैश्विक पहचान और ट्रेड डील्स:
पीएम मोदी ने कहा कि सबसे बड़ी खुशी यह है कि वैश्विक घटनाओं का झुकाव अब भारत की ओर है। विश्वमित्र के रूप में भारत कई देशों का भरोसेमंद पार्टनर बन चुका है। हम कंधे से कंधा मिलाकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। आज पूरा विश्व ग्लोबल साउथ की चर्चा करता है और भारत वैश्विक मंच पर एक बुलंद आवाज बन चुका है। अनेक देशों के साथ भारत नई ट्रेड डील्स कर रहा है। जो लोग पहले थक चुके थे और पीछे हट गए, उन्हें भी एक दिन जवाब देना होगा कि देश की ऐसी हालत थी कि कोई भी देश हमारे साथ डील नहीं करना चाहता था।
टीएमसी पर निशाना:
टीएमसी पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उनके नेताओं को अपने गिरेबां में झाँकना चाहिए। “वे नई-नई रिकॉर्ड बना रहे हैं और देश को उपदेश दे रहे हैं। जो लोग घुसपैठियों को बचाने का समर्थन कर रहे हैं, देश उसे माफ़ नहीं करेगा। ये घुसपैठिए हमारे नौजवानों का हक छीन रहे हैं। आईना देखिए, अपनी सच्चाई नहीं छिप सकती।”
भारत की आर्थिक प्रगति:
पीएम मोदी ने बताया कि स्वतंत्रता के समय भारत 6वीं अर्थव्यवस्था था, लेकिन कांग्रेस की नीतियों के कारण इसे 11वें स्थान पर ला दिया गया। आज हम तीसरे नंबर की ओर बढ़ रहे हैं। भारत ने ग्लोबल साउथ में अपनी पहचान बनाई है और अनेक देशों के साथ फ्यूचर-रेडी ट्रेड डील की हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि 9 बड़े देशों के साथ ट्रेड डील की गई और यूरोपियन यूनियन समेत 27 देशों के साथ ‘मदर ऑफ ऑल डील’ की गई।
बैंकिंग सेक्टर में सुधार:
प्रधानमंत्री ने कहा कि बैंकिंग सिस्टम अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। 2014 से पहले फोन बैंकिंग के माध्यम से पैसे वितरित होते थे, गरीबों को दुत्कार मिलता था। कांग्रेस नेताओं के फोन पर अरबों रुपये निजी लाभ के लिए चले जाते थे। उनकी सरकार ने बैंकिंग सेक्टर को मजबूत किया, कमजोर सरकारी बैंकों को बड़े बैंकों में मर्ज किया और NPA को न्यूनतम स्तर पर लाकर कारोबार को सुधारा। अब सामान्य लोगों को आसानी से लोन उपलब्ध हैं और बैंकों का प्रॉफिट रिकॉर्ड पर है।
मुद्रा योजना और MSME समर्थन:
मुद्रा योजना के तहत देश के नौजवानों को अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर मिला। 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक के लोन बिना गारंटी प्रदान किए गए। 10 करोड़ बहनों को सीधी आर्थिक सहायता दी गई। MSME सेक्टर को पर्याप्त वित्तीय मदद और समर्थन मिला।
PSU सुधार और मेक इन इंडिया:
पीएम मोदी ने कहा कि पहले PSU को केवल बंद होने के लिए बनाया जाता था, लेकिन अब पूरी सोच बदल दी गई है। LIC और अन्य PSU रिकॉर्ड प्रॉफिट दर्ज कर रहे हैं। मेक इन इंडिया को गति मिली और PSU विश्व स्तर पर अपनी ताकत दिखा रहे हैं। बड़े ऑर्डर अब देश में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मिल रहे हैं।
कांग्रेस की आलोचना:
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के समर्थक देश के विकास में हुए कार्यान्वयन को नहीं देख पा रहे। प्रगति प्लेटफॉर्म के माध्यम से उनके शासनकाल में रुके हुए 85 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पूरे किए गए।
इतिहास से उदाहरण:
उन्होंने याद दिलाया कि जब इंदिरा गांधी से पूछा गया कि आपके सामने कितनी समस्याएं थीं, तो उनका उत्तर था 35 करोड़। उस समय देश की जनसंख्या भी इतनी थी। आज देश की जनसंख्या बढ़कर 57 करोड़ हो चुकी है, इसलिए समस्याओं की संख्या भी उसी अनुपात में बड़ी है।
लोकसभा में भाषण क्यों टला:
संसद के बजट सत्र में हंगामे के कारण पीएम मोदी का लोकसभा भाषण 5 बजे टाल दिया गया। बुधवार को महिला सांसदों के हंगामे के चलते कार्यवाही स्थगित हुई। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि संभावित अप्रत्याशित घटनाओं के कारण पीएम मोदी का संबोधन ऐन समय पर टालना पड़ा।













