
NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर गुरुवार को संसद की स्थायी समिति की बैठक में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह और चेयरमैन प्रदीप कुमार जोशी समिति के सामने पेश हुए, जहां उनसे परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक को लेकर कई तीखे सवाल पूछे गए। बैठक के दौरान NTA की ओर से यह दावा किया गया कि प्रश्नपत्र एजेंसी के सिस्टम से लीक नहीं हुआ था और केवल कुछ सवाल परीक्षा के दौरान बाहर पहुंचे थे।
सूत्रों के मुताबिक, संसदीय समिति ने अधिकारियों से साफ तौर पर पूछा कि आखिर इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार कौन है और सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। इस पर NTA अधिकारियों ने कहा कि अभी मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
‘पूरा पेपर लीक नहीं हुआ’, NTA ने किया बचाव
बैठक के दौरान एनटीए प्रमुख ने एजेंसी का पक्ष रखते हुए कहा कि नीट परीक्षा का पूरा प्रश्नपत्र लीक होने जैसी स्थिति नहीं थी। उनके अनुसार, कुछ सवाल परीक्षा के समय के आसपास बाहर जरूर पहुंचे थे, लेकिन इसे “फुल पेपर लीक” नहीं कहा जा सकता।
इस बयान के बाद समिति के कई सदस्यों ने नाराजगी भी जताई और पूछा कि अगर प्रश्न परीक्षा से पहले बाहर आए थे तो छात्रों के साथ निष्पक्षता कैसे सुनिश्चित की जाएगी। विपक्षी सांसदों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाते हुए NTA की कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव की मांग की।
समिति के सामने रखी गई जांच और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी
बैठक में NTA अधिकारियों ने अब तक की जांच प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य में परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे सुधारों की जानकारी भी साझा की। बताया गया कि एजेंसी CBI जांच में पूरा सहयोग कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई फिलहाल उन नेटवर्क और तकनीकी माध्यमों की जांच कर रही है जिनके जरिए कथित तौर पर परीक्षा से पहले प्रश्नों तक पहुंच बनाई गई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि किन लोगों ने पेपर तक पहुंच हासिल की और यह जानकारी किन-किन राज्यों तक पहुंची।
सांसदों ने जताई नाराजगी, सुधारों की उठी मांग
बैठक के दौरान कई सांसदों ने पेपर लीक मामले को बेहद गंभीर बताते हुए शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जाहिर की। विपक्षी नेताओं ने कहा कि इस तरह की घटनाएं लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और परीक्षा प्रणाली में मौजूद कमियों को तुरंत दूर किया जाना चाहिए।
समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने बैठक के बाद कहा कि चर्चा सकारात्मक रही और सभी सांसदों ने अपने सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि समिति NEET विवाद को लेकर गंभीर है और यह सुनिश्चित करना चाहती है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
11 मई को रद्द हुई थी परीक्षा
नीट-यूजी 2026 परीक्षा का आयोजन 3 मई को किया गया था। हालांकि पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद 11 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। अब NTA ने दोबारा परीक्षा कराने की तारीख 21 जून तय की है।
देशभर के लाखों छात्र और अभिभावक इस पूरे मामले को लेकर लगातार चिंता में हैं। छात्रों का कहना है कि बार-बार परीक्षा रद्द होने और जांच के चलते उनकी तैयारी और मानसिक स्थिति दोनों प्रभावित हो रही हैं।
CBI की जांच में अब तक कई गिरफ्तारियां
सीबीआई इस मामले में लगातार कार्रवाई कर रही है। जांच एजेंसी अब तक राजस्थान के जयपुर और सीकर, हरियाणा के गुरुग्राम तथा महाराष्ट्र के नासिक, पुणे और अहिल्यानगर समेत कई शहरों से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
जांच एजेंसियों को शक है कि पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था और इसमें तकनीकी माध्यमों के जरिए प्रश्नपत्र साझा किए गए। फिलहाल सीबीआई आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई है।













